• पारंपरिक भारतीय अंदाज़ में शिव तांडव स्तोत्र और शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया
  • भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही

ब्रासीलिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को ब्रिक्स समिट के बाद रियो डी जेनेरियो से ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया पहुंचे। यहां उनका पारंपरिक भारतीय अंदाज़ में शिव तांडव स्तोत्र और शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी आज ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, टेक्नोलॉजी, कृषि और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को लेकर बातचीत प्रस्तावित है। यह बैठक भारत और ब्राजील के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी 2 जुलाई से 10 जुलाई तक पांच देशों की यात्रा पर हैं। इससे पहले वे घाना, त्रिनिदाद एंड टोबैगो और अर्जेंटीना का दौरा कर चुके हैं। ब्राजील के बाद वे नामीबिया की यात्रा पर रवाना होंगे।

जलवायु सम्मेलन में वैश्विक स्वास्थ्य पर बोले पीएम मोदी

सोमवार को ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने पर्यावरण और वैश्विक जलवायु सम्मेलन (COP-30) के मुद्दों पर भाग लिया। उन्होंने कहा कि “लोगों और धरती का स्वास्थ्य एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ है।” मोदी ने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि “बीमारी किसी पासपोर्ट या वीजा की मोहताज नहीं होती। इसका समाधान वैश्विक सहयोग से ही संभव है।”

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ब्रिक्स का संयुक्त बयान: पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

रविवार को संपन्न हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 31 पेज और 126 बिंदुओं वाला संयुक्त घोषणापत्र जारी किया गया। इसमें जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई। इसी हमले की निंदा 1 जुलाई को क्वाड देशों (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की विदेश मंत्रियों की बैठक में भी की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा, “पहलगाम हमला सिर्फ भारत पर नहीं, बल्कि पूरी मानवता पर हमला है। आतंकवाद के खिलाफ विरोध हमारा सिद्धांत होना चाहिए, सुविधा नहीं।” उन्होंने वैश्विक मंच से एक नई और संतुलित विश्व व्यवस्था की आवश्यकता पर भी बल दिया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने BRICS में शामिल होने की इच्छुक नई अर्थव्यवस्थाओं पर 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है, जिससे वैश्विक आर्थिक तनाव और बढ़ सकता है।

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