August 30, 2025 6:27 PM

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हमारे युवाओं के बीच उत्साह और आकर्षण का केंद्र: प्रधानमंत्री मोदी

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भारत बनाएगा अपना अंतरिक्ष स्टेशन, युवाओं को दिया बड़ा संदेश

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर पीएम मोदी बोले- भारत बनाएगा अपना अंतरिक्ष स्टेशन, युवाओं को नई दिशा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर गगनयान मिशन के लिए चुने गए भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और उनके साथ अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वाले अन्य साथियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय विज्ञान एवं तकनीक मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और इसरो प्रमुख वी. नारायणन भी मौजूद रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया और दूसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की शुभकामनाएं दीं।

“आर्यभट्ट से गगनयान तक” – भारत की अंतरिक्ष यात्रा

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की थीम “आर्यभट्ट से गगनयान तक” रखी गई है। यह थीम भारत की अंतरिक्ष यात्रा के गौरवशाली इतिहास और उज्ज्वल भविष्य दोनों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कम समय में ही राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस युवाओं के बीच एक उत्साह और प्रेरणा का विषय बन चुका है।

प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि भारत ने कुछ वर्ष पहले ही इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाली पहली राष्ट्र बनने की उपलब्धि हासिल की थी। इसके अलावा भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिन्होंने अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग जैसी जटिल तकनीकी क्षमता विकसित कर ली है।

आने वाले वर्षों में भारत का अंतरिक्ष स्टेशन

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि हाल ही में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा फहराकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि वह पल शब्दों से परे था। मोदी ने कहा कि भारत अब सेमी क्रायोजेनिक इंजन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन जैसी उन्नत तकनीकों की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। आने वाले समय में न केवल गगनयान मिशन को उड़ान भरते देखा जाएगा, बल्कि भारत का अपना स्पेस स्टेशन भी बनेगा।

स्पेस सेक्टर में प्राइवेट कंपनियों की बढ़ती भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि एक दौर था जब अंतरिक्ष क्षेत्र पर कई तरह की बंदिशें थीं, लेकिन उनकी सरकार ने इन बेड़ियों को तोड़कर निजी क्षेत्र को इसमें प्रवेश की अनुमति दी। इसके नतीजे में आज देश में 350 से अधिक स्पेस स्टार्टअप सक्रिय हैं। उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही देश का पहला निजी क्षेत्र द्वारा निर्मित PSLV रॉकेट भी प्रक्षेपित होगा।

मोदी ने कहा कि भारत की पहली प्राइवेट कम्युनिकेशन सैटेलाइट भी तैयार हो रही है। उन्होंने देश के युवा उद्यमियों से आह्वान किया कि आने वाले पांच सालों में कम से कम पांच यूनिकॉर्न स्टार्टअप खड़े करें।

भारत का एस्ट्रोनॉट पूल बनेगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन दिन पहले उनकी ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा कि शुक्ला जैसे युवाओं में उन्होंने नए भारत के सपनों की झलक देखी। इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए भारत जल्द ही अपना एस्ट्रोनॉट पूल तैयार करेगा, ताकि भविष्य में और अधिक भारतीय युवाओं को अंतरिक्ष यात्रा का अवसर मिल सके। उन्होंने युवाओं से इस पूल से जुड़ने की अपील भी की।

“अंतरिक्ष की गहराइयों तक जाना है” – मोदी

मोदी ने कहा कि भारत अब चांद और मंगल तक पहुंच चुका है, लेकिन यात्रा यहीं खत्म नहीं होती। हमें अंतरिक्ष की गहराइयों तक जाना है, जहां मानवता के भविष्य से जुड़े कई रहस्य छिपे हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष हमें यह सिखाता है कि कोई भी पड़ाव अंतिम नहीं होता और यही सिद्धांत अंतरिक्ष क्षेत्र की नीतियों पर भी लागू होना चाहिए।

“हर हफ्ते एक रॉकेट लॉन्च” का लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी भारत में सालाना लगभग 5-6 बड़े लॉन्च होते हैं। लेकिन आने वाले पांच वर्षों में वे चाहते हैं कि भारत हर सप्ताह एक रॉकेट लॉन्च करने की क्षमता विकसित करे, यानी सालाना करीब 50 लॉन्च। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस दिशा में जरूरी सुधार करने का संकल्प और सामर्थ्य दोनों मौजूद हैं।

शासन और विकास में स्पेस टेक्नोलॉजी का योगदान

मोदी ने कहा कि आज स्पेस टेक्नोलॉजी केवल अंतरिक्ष की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की गवर्नेंस का भी अहम हिस्सा बन रही है। चाहे आपदा प्रबंधन हो, मौसम की भविष्यवाणी, कृषि सुधार, संचार या रक्षा—हर क्षेत्र में अंतरिक्ष तकनीक भारत की ताकत को कई गुना बढ़ा रही है।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया कि भारत केवल अंतरिक्ष में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह आने वाले वर्षों में विश्व अंतरिक्ष विज्ञान का नेतृत्व करने के लिए तैयार हो रहा है। यह न केवल युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि पूरे देश को यह विश्वास दिलाता है कि भारत का भविष्य सितारों से भी आगे तक फैला है।


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