- दो दिवसीय जापान के दौरे पर हैं पीएम मोदी
- जापान में पीएम मोदी ने बुलेट ट्रेन में सफर किया
- एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन भी जाएंगे पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो दिवसीय इस आधिकारिक यात्रा में पीएम मोदी ने न केवल अपने जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता की बल्कि कई अहम कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहराई देना तथा भविष्य के क्षेत्रों में सहयोग को नए आयाम देना है।
भारत-जापान शिखर वार्ता में बने कई समझौते
प्रधानमंत्री मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के बीच हुई शिखर वार्ता में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस वार्ता के दौरान कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। इनमें व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्टार्टअप और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि भारत और जापान दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा में साझी भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इन समझौतों का महत्व केवल द्विपक्षीय स्तर पर ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी है।
बुलेट ट्रेन में पीएम मोदी की यात्रा
जापान की आधुनिकता और तकनीकी प्रगति का प्रतीक मानी जाने वाली बुलेट ट्रेन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ सफर किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने रेल तकनीक, यातायात प्रबंधन और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की। पीएम मोदी ने इस यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और इसे एक विशेष अनुभव बताया। जापानी प्रधानमंत्री इशिबा ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि “प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेंडई की ओर जा रहा हूं। कल रात से ही कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है और यह साथ बेहद खास है।”

जापान के गवर्नरों से मुलाकात
पीएम मोदी ने जापान यात्रा के दौरान वहां के 16 प्रान्तों के गवर्नरों से भी भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने भारत और जापान के बीच राज्य-प्रान्त स्तर पर सहयोग को बेहद महत्वपूर्ण बताया। मोदी ने कहा कि यह पहल व्यापार, उद्यमिता, नवाचार और तकनीकी क्षेत्रों में अभूतपूर्व संभावनाएं खोलेगी। उन्होंने खास तौर पर स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हरित ऊर्जा जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में साझेदारी की संभावनाओं पर जोर दिया। यह मुलाकात भारत-जापान मैत्री के नए स्तंभ को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
भारतीय ट्रेन ड्राइवरों से मुलाकात
अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच पीएम मोदी ने जापान में JR ईस्ट ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे भारतीय ट्रेन ड्राइवरों से भी मुलाकात की। इस दौरान जापानी प्रधानमंत्री भी मौजूद रहे। मोदी ने भारतीय युवाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण आने वाले वर्षों में भारत के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने वहां मौजूद भारतीय युवाओं से बातचीत की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। मोदी ने कहा कि भारतीय युवाओं का यह वैश्विक प्रशिक्षण भारत को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।

जापानी टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्री पर ध्यान
यात्रा के आखिरी दिन प्रधानमंत्री मोदी टोक्यो इलेक्ट्रॉन फैक्ट्री का दौरा करेंगे। यह फैक्ट्री सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में विश्वस्तरीय तकनीक की धनी है। भारत इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहा है और जापान इसमें बड़ा सहयोगी साबित हो सकता है।
चीन के लिए रवाना होंगे मोदी
प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में जापानी प्रधानमंत्री ने लंच का आयोजन किया है। इसके तुरंत बाद मोदी तियानजिन, चीन के लिए रवाना होंगे, जहां वह 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में कई अहम अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा, जहां भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दौरे का महत्व
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह जापान यात्रा भारत-जापान संबंधों के लिए एक नया अध्याय लिखने वाली है। भारत और जापान दोनों ही लोकतांत्रिक मूल्य, तकनीकी प्रगति और आर्थिक साझेदारी के आधार पर एक-दूसरे के करीबी सहयोगी हैं। पीएम मोदी का यह दौरा न केवल द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देगा बल्कि एशियाई क्षेत्र में शक्ति संतुलन को भी प्रभावित करेगा।