- आवासीय परिसर विशेष रूप से संसद सदस्यों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया
- नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और अपशिष्ट प्रबंधन की उन्नत सुविधाएं जोड़ी गई
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार सुबह राजधानी के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर बने 184 नए टाइप-7 बहुमंजिला फ्लैट्स का उद्घाटन किया। सुबह 10 बजे हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने परिसर में सिंदूर का पौधा भी लगाया। यह आवासीय परिसर विशेष रूप से संसद सदस्यों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। प्रत्येक फ्लैट में लगभग 5,000 वर्ग फुट का कार्पेट एरिया है, जिसमें सांसदों के कार्यालय, स्टाफ के लिए आवास और अन्य आवश्यक स्थान उपलब्ध हैं। आधुनिक निर्माण तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल डिज़ाइन के साथ तैयार इस परियोजना को जीआरआईएचए (GRIHA) 3-स्टार रेटिंग दी गई है और यह राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC) 2016 के मानकों के अनुरूप है।
Speaking at the inauguration of newly constructed flats for MPs in New Delhi. https://t.co/tiKnnBqftH
— Narendra Modi (@narendramodi) August 11, 2025
हरित और आत्मनिर्भर डिजाइन
परियोजना में ऊर्जा संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और अपशिष्ट प्रबंधन की उन्नत सुविधाएं जोड़ी गई हैं। परिसर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सौर ऊर्जा पैनल, वर्षा जल संचयन और कचरा प्रबंधन प्रणालियां स्थापित की गई हैं। भवन दिव्यांगजनों के अनुकूल हैं, जिससे यह समावेशी डिज़ाइन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

भूकंपरोधी और सुरक्षित निर्माण
सभी इमारतों को आधुनिक संरचनात्मक डिज़ाइन मानकों के अनुसार भूकंपरोधी बनाया गया है। उन्नत निर्माण तकनीक, विशेषकर एल्युमीनियम शटरिंग के साथ मोनोलिथिक कंक्रीट, का उपयोग कर संरचनात्मक मजबूती और समय पर निर्माण सुनिश्चित किया गया। परिसर में निवासियों की सुरक्षा के लिए उन्नत सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश नियंत्रण और सुरक्षा कर्मियों की चौबीसों घंटे मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।

सांसदों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार
संसद सदस्यों के लिए उपयुक्त और आधुनिक आवास की कमी को देखते हुए इस परियोजना को विकसित किया गया। सीमित भूमि उपलब्धता के कारण ऊर्ध्वाधर आवास निर्माण को प्राथमिकता दी गई। परिसर में सामुदायिक केंद्र, कर्मचारियों के लिए आवासीय इकाइयां और सांसदों के कार्य निष्पादन के लिए आवश्यक सभी कार्यालयीय सुविधाएं मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के मौके पर कहा कि यह परियोजना न केवल सांसदों के कार्य को आसान बनाएगी, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण-संवेदी निर्माण की दिशा में भी एक मजबूत कदम है।
और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!