गयाजी से प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन: बिहार को 13 हजार करोड़ की सौगात, आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
गया (बिहार)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गयाजी से बिहार को 13,000 करोड़ रुपये की योजनाओं का उपहार दिया। इस दौरान उन्होंने बेगूसराय में बने एशिया के दूसरे सबसे चौड़े औंटा-सिमरिया छह लेन पुल का वर्चुअली उद्घाटन किया। साथ ही बक्सर थर्मल पावर प्लांट और कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया। यह इस वर्ष प्रधानमंत्री का बिहार का छठा दौरा था।
मगध विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गया की जनता लंबे समय से शहर को गयाजी कहलाने की इच्छा रखती थी। बिहार सरकार ने यह निर्णय लेकर प्रदेशवासियों की भावना का सम्मान किया है।
“बिहार से लिया संकल्प कभी खाली नहीं जाता”
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर और आतंकवाद पर सरकार की नीति का उल्लेख करते हुए कहा —
“बिहार की धरती से जो संकल्प लिया जाता है, वह खाली नहीं जाता। पहलगाम हमले के बाद मैंने संकल्प लिया था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला दूंगा। आज पूरी दुनिया ने देखा कि भारत ने किस तरह आतंकियों का सफाया किया। आतंकवादी चाहे पाताल में छिपे हों, भारत की मिसाइलें उन्हें दफन कर देंगी।”
एनडीए सरकार बिहार के चहुंमुखी विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में आज गया जी की पवित्र धरती से हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास का सौभाग्य मिला है। https://t.co/saWtEc4Vie
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि बीते 11 सालों में 4 करोड़ से अधिक पक्के घर गरीबों को दिए गए हैं। केवल बिहार में ही 38 लाख से ज्यादा घर बने हैं, जबकि गयाजी में 2 लाख से अधिक परिवारों को आवास मिले हैं। प्रधानमंत्री ने कहा —
“हमने गरीब को सिर्फ चारदीवारी नहीं दी, बल्कि बिजली, पानी और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं भी दी हैं। यह गरीब का स्वाभिमान है।”
कांग्रेस और राजद पर करारा प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में राजद और कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि इनके शासन में बिहार अंधकार में डूबा हुआ था। उन्होंने कहा कि “लालटेन राज में शाम ढलते ही लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे। शिक्षा और रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं थी। कांग्रेस और राजद के नेताओं ने बिहार की पीढ़ियों को पलायन के लिए मजबूर किया।”
मोदी ने भ्रष्टाचार पर हमला करते हुए कहा —
“हमारी सरकार पर इतने वर्षों में भ्रष्टाचार का एक भी दाग नहीं लगा। जबकि कांग्रेस ने 65 वर्षों में देश को भ्रष्टाचार की दलदल में धकेला। बिहार में राजद का भ्रष्टाचार बच्चा-बच्चा जानता है। जेल से ही फाइलों पर दस्तखत होते थे और आदेश जारी होते थे। अब एनडीए सरकार ने ऐसा कानून बनाया है जिसके तहत प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री भी जेल में 30 दिन से अधिक रहने पर कुर्सी छोड़ने को बाध्य होंगे।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस और राजद इस कानून का इसलिए विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके कई नेता खुद भ्रष्टाचार के मामलों में अदालत और जेल के चक्कर काट रहे हैं।
विकास परियोजनाओं पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए सरकार का संकल्प है कि सभी विकास परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि औंटा-सिमरिया पुल का शिलान्यास और लोकार्पण, दोनों करने का सौभाग्य बिहार की जनता ने उन्हें दिया। उन्होंने कहा —
“यह पुल व्यापार और उद्योग को नई ताकत देगा और बिहार की अर्थव्यवस्था को गति देगा। एनडीए सरकार विकास की हर परियोजना को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
घुसपैठ पर सख्त रुख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में डेमोग्राफी मिशन का जिक्र किया और कहा कि सरकार देश का भविष्य घुसपैठियों के हाथों में नहीं छोड़ सकती। उन्होंने कहा —
“कांग्रेस और राजद वोट बैंक की राजनीति के लिए बिहार के गरीबों का हक छीनकर घुसपैठियों को देना चाहते हैं। सीमावर्ती इलाकों की बदलती जनसांख्यिकी (डेमोग्राफी) देश के लिए गंभीर खतरा है। एनडीए सरकार डेमोग्राफी मिशन के जरिए इस खतरे का सामना करेगी।”
बिहार के विकास का वादा
प्रधानमंत्री मोदी ने सभा के अंत में कहा कि बिहार का चौतरफा विकास एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे घुसपैठ और भ्रष्टाचार की राजनीति से बिहार को बचाने में योगदान दें।
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