जनरल उपेंद्र द्विवेदी का बयान – पाकिस्तान से जल्द हो सकता है युद्ध, ऑपरेशन सिंदूर के बड़े खुलासे
भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के साथ जल्द ही एक और युद्ध की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं और आने वाला युद्ध निकट हो सकता है, इसलिए हमें उसकी पूरी तैयारी करनी होगी। इस बार यह लड़ाई सामूहिक प्रयासों से लड़ी जाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर में मिली फ्री हैंड
जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सरकार ने सेना को पूरी स्वतंत्रता दी थी। उन्होंने इसे शतरंज के खेल से तुलना करते हुए कहा कि जैसे खेल में चाल का अंदाज़ा नहीं होता, वैसे ही इस ऑपरेशन में हमारी और दुश्मन की रणनीति एक-दूसरे के लिए अज्ञात थी। यह “ग्रे जोन” युद्ध था, यानी पारंपरिक लड़ाई से हटकर एक अलग तरह का ऑपरेशन।
25 अप्रैल से शुरू हुई प्लानिंग
थल सेनाध्यक्ष ने बताया कि 25 अप्रैल को उत्तरी कमान के दौरे के दौरान इस ऑपरेशन की योजना बनी। इस मिशन में 9 में से 7 आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए और कई आतंकियों को मार गिराया गया। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात हुई, और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम ने पूरे देश को जोड़ा व प्रेरित किया।
‘अग्निशोध’ – इंडियन आर्मी रिसर्च सेल की शुरुआत
जनरल द्विवेदी IIT मद्रास में आयोजित ‘अग्निशोध’ – इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC) के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। इस रिसर्च सेल का उद्देश्य सैन्य कर्मियों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन और अनमैन्ड सिस्टम जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना है, ताकि भविष्य की टेक्नोलॉजी में निपुण सेना तैयार की जा सके।

एयरफोर्स चीफ का दावा – पाकिस्तान को भारी नुकसान
इसी कार्यक्रम में वायु सेना प्रमुख एपी सिंह ने भी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान गिराए गए और एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को लगभग 300 किमी दूर से मार गिराया गया, जो सतह से हवा में टारगेट हिटिंग का रिकॉर्ड है। उनका कहना था कि S-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस ऑपरेशन में गेम-चेंजर साबित हुआ। पाकिस्तान लंबी दूरी के ग्लाइड बम होने के बावजूद उनका इस्तेमाल नहीं कर पाया।
सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के बहावलपुर में हमले के बाद वहां की तबाही के दृश्य सैटेलाइट और स्थानीय मीडिया दोनों ने दिखाए, जिसमें इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी थीं।
पाकिस्तान का पलटवार – “भारत को भी नुकसान हुआ”
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने 9 अगस्त को सोशल मीडिया पर भारतीय वायुसेना प्रमुख के दावों को नकारा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत राजनीतिक लाभ के लिए झूठे दावे कर रहा है, जबकि बॉर्डर पर भारतीय सेना को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा। आसिफ ने सुझाव दिया कि अगर सच सामने लाना है, तो दोनों देशों को अपने वायुसेना के रिकॉर्ड स्वतंत्र जांच के लिए खोलने चाहिए, लेकिन उन्हें भारत के ऐसा करने पर शक है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
7 मई की रात 1:30 बजे भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इसमें कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में 9 ठिकाने निशाना बने। इनमे लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का ठिकाना भी शामिल था। भारतीय सेना के मुताबिक, 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे।