नोएडा में दहेज के लिए पत्नी को जिंदा जलाया, बेटे के सामने हुई वारदात – पति और सास गिरफ्तार

नोएडा।

ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में पत्नी को दहेज के लिए जिंदा जलाने का आरोपी विपिन भाटी रविवार को पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया। वह पुलिस की गिरफ्त से निकलकर भागने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान दरोगा की पिस्तौल छीन ली। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो उसके पैर में लगी। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोचकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

दहेज के नाम पर एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हो गई। ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में 21 अगस्त को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक शख्स ने अपने ही बेटे के सामने पत्नी को जिंदा जला दिया। महिला की शादी को 9 साल हो चुके थे और उस पर लगातार 35 लाख रुपए दहेज लाने का दबाव बनाया जा रहा था। मना करने पर पति और सास ने बेरहमी से उसकी पिटाई की और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।


चीखों से गूंजा घर, पड़ोसी बने गवाह

प्रताड़ित महिला निक्की ने छोड़ देने की गुहार लगाई, लेकिन सास और पति ने उसकी एक न सुनी। आरोप है कि पति विपिन भाटी ने पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगा दी। बहन कंचन ने जब बीच-बचाव की कोशिश की और वीडियो बनाने लगी तो आरोपी ने उसके साथ भी मारपीट की।

वीडियो में निक्की को आग से झुलसते हुए सीढ़ियों से नीचे भागते और चीखते हुए देखा जा सकता है। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी दौड़े और कंबल डालकर आग बुझाई। तुरंत उसे फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया गया।


22 अगस्त को दम तोड़ा

इलाज के दौरान महिला ने 22 अगस्त को दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोग गुस्से में आ गए। पीड़िता की बहन कंचन ने पुलिस को बताया कि जब उसने बचाने की कोशिश की, तो विपिन ने उसके गले पर मुक्के मारे और वह बेहोश हो गई। इसी दौरान निक्की पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।


बेटे ने बताया – “पापा ने मम्मी को जलाया”

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यह सब कुछ महिला के दो बेटों के सामने हुआ। छोटे बेटे ने पुलिस को बताया –
"पापा ने पहले मम्मा पर कुछ छिड़का, फिर उन्हें चांटा मारा और लाइटर से आग लगा दी।"


शादी में दिया गया था हैसियत से ज्यादा दहेज

निक्की की शादी दिसंबर 2016 में रूपबास गांव निवासी राज सिंह ने अपनी भतीजी की बहन कंचन के साथ एक ही घर में की थी। निक्की की शादी विपिन भाटी से और कंचन की शादी विपिन के भाई रोहित से हुई थी। शादी में परिवार ने स्कॉर्पियो गाड़ी समेत हैसियत से ज्यादा दहेज दिया था, लेकिन इसके बाद भी निक्की को लगातार और पैसे लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा।

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पुलिस ने आरोपी पति को पकड़ा, मुठभेड़ में लगी गोली

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की बहन की शिकायत पर पुलिस ने 23 अगस्त को पति विपिन को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन मेडिकल के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय वह दरोगा की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने पीछा कर सिरसा चौराहे पर पैर में गोली मारकर उसे काबू किया और अस्पताल में भर्ती कराया।

रविवार देर शाम पुलिस ने मृतका की सास दयावती को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, जेठ रोहित और ससुर सतवीर अभी भी फरार हैं।


आरोपी का बेशर्म बयान

गिरफ्तारी के बाद आरोपी विपिन ने पुलिस के सामने कहा –
"मुझे किसी गलती का पछतावा नहीं है। न मैंने मारा है और न कुछ किया है। वह खुद मरी है। मियां-बीवी में लड़ाई होती रहती है, यह आम बात है।"
उसके बयान ने लोगों को और आक्रोशित कर दिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से महिला को जलाने में इस्तेमाल किया गया थिनर भी बरामद किया है।

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समाज में आक्रोश, प्रशासन पर उठे सवाल

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शादी के नौ साल बाद भी महिला को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता रहा, लेकिन न तो परिवार ने और न ही प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पहले ही सख्त कार्रवाई होती तो शायद निक्की की जान बच सकती थी।


नोएडा की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि दहेज जैसी कुप्रथा आज भी महिलाओं की जान ले रही है। निक्की की मौत न सिर्फ उसके परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी पीड़ा और शर्म का विषय है। सवाल यह है कि कब तक महिलाएँ दहेज के नाम पर इस तरह बर्बरता झेलती रहेंगी और कब तक कानून के डर के बिना ऐसे दरिंदे खुलेआम घूमते रहेंगे।