फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पथराव, अब तक 16 आरोपी हिरासत में
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही अब तक गिरफ्तार किए गए आरोपियों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां शुक्रवार रात को की गईं और सभी आरोपी घटना के समय मौके पर मौजूद थे तथा पथराव में सक्रिय रूप से शामिल थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद नावेद (44), मोहम्मद फैज (20) और मोहम्मद उबैदुल्लाह (23) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी तुर्कमान गेट के आसपास के इलाकों के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये लोग उस भीड़ का हिस्सा थे, जिसने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और नगर निगम की टीम पर पथराव किया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की थी हिंसा
यह पूरा मामला उस समय सामने आया, जब नगर निगम की टीम तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
पुलिस के अनुसार, हिंसा के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। घटना के बाद इलाके में तनाव बना रहा, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
एफआईआर में सामने आए गंभीर तथ्य
इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, अतिक्रमण वाली जमीन पर पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग किए जाने के दौरान रात करीब 12:40 बजे 30 से 35 लोगों का एक समूह वहां इकट्ठा हो गया। इस समूह ने भड़काऊ नारे लगाने शुरू कर दिए और पुलिस को अपना काम करने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद भीड़ ने अचानक पथराव शुरू कर दिया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि हिंसा अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे सुनियोजित साजिश थी। पुलिस का दावा है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए स्थानीय निवासियों को इकट्ठा होने और विरोध करने के लिए उकसाया था।
सोशल मीडिया के जरिए उकसावे का आरोप
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर व्हाट्सएप ग्रुप्स का इस्तेमाल कर माहौल को भड़काया। इन ग्रुप्स के माध्यम से लोगों को मौके पर पहुंचने, विरोध करने और प्रशासनिक कार्रवाई में बाधा डालने के लिए प्रेरित किया गया।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का मकसद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान अशांति फैलाना और प्रशासन व कानून लागू करने वाली एजेंसियों के काम में बाधा डालना था। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर भीड़ को उकसाया।
पुलिस की कार्रवाई जारी, और गिरफ्तारियों के संकेत
दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और स्थानीय लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में तनाव, लेकिन स्थिति नियंत्रण में
घटना के बाद तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस का दावा है कि स्थिति अब नियंत्रण में है। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी कार्रवाई के दौरान अफवाहों और उकसावे से किस तरह हालात बिगड़ सकते हैं। पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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