पूर्वी सिक्किम के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी के बीच राहत अभियान, 150 से अधिक वाहन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए

नई दिल्ली। पूर्वी सिक्किम के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अचानक हुई भारी बर्फबारी ने रविवार को गंभीर स्थिति पैदा कर दी, जिसके बाद भारतीय सेना ने तत्काल ‘ऑप हिमराहत’ नाम से व्यापक राहत और बचाव अभियान शुरू किया। शून्य से नीचे पहुंचे तापमान और लगातार गिरती बर्फ के कारण कई पर्यटक वाहन संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर फंस गए थे। खुले में फंसे लोगों के सामने अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी जैसी कठिन परिस्थितियां थीं।

गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की टुकड़ियां तुरंत प्रभावित क्षेत्रों की ओर रवाना की गईं। अभियान के दौरान कुल 46 पर्यटकों को सुरक्षित निकालकर नजदीकी सेना शिविर में पहुंचाया गया। वहां उनका प्राथमिक चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और उन्हें गर्म कपड़े, गरम भोजन, हीटिंग की सुविधा तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। सेना की मेडिकल टीमों ने सभी व्यक्तियों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी की और स्थिर होने के बाद आगे की यात्रा के लिए तैयार किया।

150 से अधिक वाहन सुरक्षित निकाले

सेना ने समन्वित प्रयासों के तहत 150 से अधिक पर्यटक वाहनों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहायता की। ऊंचाई वाले दुर्गम मार्गों पर फिसलन और दृश्यता कम होने के कारण यातायात बाधित हो गया था। सैनिकों ने यातायात को व्यवस्थित कर संभावित अफरा-तफरी को रोका और जोखिम को कम किया। स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाकर मार्गों को आंशिक रूप से बहाल किया गया, जिससे आवागमन फिर से शुरू हो सका। 

Sikkim Snowstorm: Strategic Roads Blocked, Travel Disrupted

कठिन परिस्थितियों में मानवीय सहायता

लेफ्टिनेंट कर्नल रावत ने कहा कि ‘ऑप हिमराहत’ सेना की मानवीय सहायता और आपदा राहत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अत्यधिक ठंड, ऊंचाई और प्रतिकूल मौसम के बावजूद जवान चौबीसों घंटे राहत कार्य में जुटे रहे। हिमालयी क्षेत्रों में अचानक मौसम परिवर्तन आम बात है, लेकिन इस बार बर्फबारी की तीव्रता अधिक होने के कारण पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को तत्काल सहायता की आवश्यकता पड़ी।

सेना की समयबद्ध कार्रवाई से हालात नियंत्रित हुए और संभावित बड़े संकट को टाल दिया गया। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया गया। अधिकारियों के अनुसार, मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे।

पर्यटन और सुरक्षा पर प्रभाव

पूर्वी सिक्किम के उच्च हिमालयी क्षेत्र, विशेषकर झीलों और दर्रों के आसपास, सर्दियों में पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते हैं। हालांकि, मौसम की अचानक बदलती परिस्थितियां जोखिम भी बढ़ा देती हैं। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और बिना अनुमति संवेदनशील मार्गों की ओर न बढ़ें।

‘ऑप हिमराहत’ ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सेना की त्वरित प्रतिक्रिया और संगठित प्रयास जनजीवन को सुरक्षित रखने में कितने महत्वपूर्ण हैं। बर्फीले संकट के बीच यह राहत अभियान प्रभावित लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुआ।

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