धादिंग जिले में आधी रात हुआ भीषण दुर्घटना; मृतकों में दो विदेशी नागरिक, पहचान जारी
काठमांडू। नेपाल के धादिंग जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 18 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 यात्री घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब पोखरा से काठमांडू की ओर जा रही एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे से नीचे त्रिशूली नदी में जा गिरी। हादसा रात करीब 1:30 बजे बेनिघाट रोरांग क्षेत्र में हुआ। अंधेरे और दुर्गम इलाके के कारण बचाव अभियान में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, फिर भी सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य चलाया गया।
नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल के अनुसार अब तक 17 शव नदी से बरामद किए जा चुके थे। बाद में एक अन्य गंभीर रूप से घायल यात्री की मौत की पुष्टि हुई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई। मृतकों में 12 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में एक पुरुष और एक महिला विदेशी नागरिक भी हैं, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता और पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
44 यात्री सवार थे, कई को काठमांडू भेजा गया
दुर्घटना के समय बस संख्या (Ga 1 Kha 1421) में कुल 44 यात्री सवार थे। हादसे के बाद 26 यात्रियों को जीवित बचा लिया गया। इनमें से कुछ का उपचार स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि अधिक गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए काठमांडू भेज दिया गया है। प्रशासन ने कहा है कि सभी मृतकों और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस चालक किसी कारणवश वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस सीधे नदी में जा गिरी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हादसे के पीछे तेज रफ्तार, तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति जैसी कोई अन्य वजह तो नहीं थी। रात के समय घटना होने के कारण दृश्यता कम थी, जिससे राहत कार्य में अतिरिक्त चुनौती सामने आई।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय निवासियों ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। दुर्गम भौगोलिक स्थिति और नदी के तेज बहाव के बावजूद राहतकर्मियों ने साहसिक प्रयास किए। घायलों को रस्सियों और अस्थायी साधनों की मदद से बाहर निकाला गया। प्रशासन ने बचाव दलों के त्वरित प्रयासों की सराहना की है।
हाल के वर्षों में बढ़े सड़क हादसे
नेपाल में पहाड़ी और संकरी सड़कों के कारण सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बनी हुई हैं। इससे पहले 5 फरवरी को बैतड़ी जिले में बारातियों से भरी एक बस करीब 150 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें 13 लोगों की मौत और 34 लोग घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में उस हादसे का कारण ओवरलोडिंग बताया गया था।
वर्ष 2024 में भी भूस्खलन के चलते दो बसें त्रिशूली नदी में बह गई थीं। उन बसों में कुल 63 लोग सवार थे, जिनमें सात भारतीय नागरिक भी शामिल थे। उस घटना में कई लोगों की जान गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं नेपाल में सड़क सुरक्षा व्यवस्था और पहाड़ी मार्गों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
जांच जारी, प्रशासन सतर्क
धादिंग बस हादसे के बाद पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है और बस के तकनीकी पहलुओं की भी जांच होगी। प्रशासन का कहना है कि यदि लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर यह संकेत देता है कि पहाड़ी इलाकों में रात्रिकालीन यात्रा कितनी जोखिम भरी हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी, वाहन फिटनेस की नियमित जांच और चालक प्रशिक्षण की आवश्यकता को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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