भस्म आरती की तर्ज पर अब शाम और रात्रि आरती के लिए भी ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा
उज्जैन । उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से मंदिर प्रशासन ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब श्रद्धालु भस्म आरती की तरह संध्या आरती और शयन आरती में भी निर्धारित शुल्क के साथ विशेष प्रवेश प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए प्रति व्यक्ति 250 रुपये का शुल्क तय किया गया है। यह व्यवस्था बुधवार देर रात से प्रभावी कर दी गई है।
मंदिर प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देशभर के श्रद्धालु अब संध्या तथा शयन आरती दर्शन के लिए मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अग्रिम बुकिंग कर सकेंगे। यह व्यवस्था पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और असुविधा से राहत मिलने की उम्मीद है।
संध्या आरती की बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगी, जबकि शयन आरती के लिए बुकिंग शाम 4 बजे से की जा सकेगी। दोनों आरतियों के लिए बुकिंग का समय अलग-अलग निर्धारित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके और भीड़ प्रबंधन सुचारु रूप से हो सके। अग्रिम बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और समान अवसर सुनिश्चित किया जा सके।
नई व्यवस्था के अंतर्गत जिन श्रद्धालुओं ने अनुमति प्राप्त की होगी, उन्हें मंदिर के गेट नंबर 1 से प्रवेश दिया जाएगा। संध्या आरती के लिए दर्शनार्थियों को शाम 6 बजे मंदिर परिसर में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। वहीं शयन आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को रात 10 बजे तक मंदिर पहुंचना होगा। निर्धारित समय के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जिससे आरती की परंपरा और अनुशासन बना रहे।
हालांकि, सामान्य दर्शनार्थियों के लिए भी व्यवस्था यथावत रहेगी। संध्या और शयन आरती के दौरान सामान्य श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम से चलायमान दर्शन कर सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित किया गया है कि विशेष प्रवेश व्यवस्था के बावजूद आम भक्तों के दर्शन में कोई बाधा न आए।
मंदिर प्रशासन का मानना है कि यह नई पहल भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। महाकाल मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं। विशेष पर्व, सोमवार और श्रावण मास जैसे अवसरों पर यह संख्या और भी अधिक हो जाती है। ऐसे में व्यवस्थित और नियंत्रित प्रवेश प्रणाली समय की आवश्यकता बन गई थी।
भस्म आरती के लिए पहले से ही ऑनलाइन अनुमति और पहचान आधारित व्यवस्था लागू है, जिसे श्रद्धालुओं ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है। उसी तर्ज पर अब संध्या और शयन आरती के लिए भी बुकिंग व्यवस्था शुरू की गई है। इससे श्रद्धालुओं को पूर्व नियोजित तरीके से दर्शन का अवसर मिलेगा और मंदिर परिसर में अनावश्यक भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा।
महाकालेश्वर मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और इसकी धार्मिक मान्यता अत्यंत विशेष मानी जाती है। यहां होने वाली आरतियों का आध्यात्मिक महत्व दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। संध्या आरती में भगवान महाकाल की भव्य आराधना होती है, जबकि शयन आरती में रात्रि विश्राम से पूर्व विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इन दोनों आरतियों में शामिल होने की श्रद्धालुओं की लंबे समय से इच्छा रहती है, जिसे अब नई व्यवस्था के माध्यम से साकार किया जा सकेगा।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही बुकिंग करें और किसी भी प्रकार के दलाल या अनधिकृत माध्यम से बचें। साथ ही निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचकर व्यवस्था में सहयोग करें।
यह नई पहल धार्मिक आस्था और आधुनिक प्रबंधन के संतुलन का उदाहरण मानी जा रही है, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है।
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