पुली निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम न होने से गई जान, लूट की आशंका पर पुलिस की अलग जांच 

जालंधर। पंजाब के जालंधर जिले के गांव कंगनीवाल में देर रात एक हृदयविदारक हादसे ने प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। पुली निर्माण के लिए करीब 15 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, लेकिन उसके आसपास न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई थी और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे। अंधेरे में बाइक सवार युवक को यह गड्ढा दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उसमें जा गिरा। हादसा इतना भीषण था कि युवक की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार, निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी। रात के समय वहां पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चेतावनी बोर्ड या अवरोधक लगाए गए होते तो यह जानलेवा हादसा टल सकता था।

मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही की बात सामने आ रही है। पुलिस ने संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों का कहना है कि यदि सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन पाया गया तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्माण स्थल की निगरानी और सुरक्षा उपायों को लेकर संबंधित विभाग से भी जानकारी मांगी गई है।

पर्स और सोने की चेन गायब, लूट की आशंका

हादसे के बाद एक और चिंताजनक पहलू सामने आया है। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि युवक की जेब से पर्स और गले से सोने की चेन गायब थी। आशंका जताई जा रही है कि दुर्घटना के बाद कुछ लोगों ने मौके का फायदा उठाकर मृतक के सामान पर हाथ साफ किया।

पुलिस ने इस पहलू को भी गंभीरता से लिया है और आसपास लगे निगरानी उपकरणों की फुटेज खंगालने के साथ स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। यदि लूट की पुष्टि होती है तो संबंधित आरोपियों के खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया जाएगा।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्य बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के जारी हैं, जिससे राहगीरों की जान जोखिम में पड़ रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क और पुल निर्माण जैसे कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य होना चाहिए। रात के समय रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड, अवरोधक और पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं होना गंभीर चूक मानी जाती है।

परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

मृतक युवक के परिवार में शोक की लहर है। परिजन प्रशासन से न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो उनका बेटा आज जीवित होता।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हादसे ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि विकास कार्यों में सुरक्षा की अनदेखी किसी की भी जान ले सकती है।