पूर्णिया जाने वाली फ्लाइट को लेकर आईजीआई पर अफरा-तफरी, यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पूर्णिया जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट एक बार फिर देरी का शिकार हो गई। बार-बार फ्लाइट रद्द और लेट होने से नाराज यात्रियों ने बोर्डिंग काउंटर के पास विरोध प्रदर्शन किया और एयरलाइन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की।

यात्रियों के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6ई 9076 शुक्रवार को पहले ही रद्द कर दी गई थी। इसके बाद शनिवार को जब यात्रियों ने दोबारा टिकट बुक कर यात्रा की तैयारी की, तो फ्लाइट फिर तय समय पर रवाना नहीं हो सकी। इस स्थिति ने यात्रियों की परेशानियों को और बढ़ा दिया। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें न सिर्फ अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, बल्कि जरूरी काम और पारिवारिक कार्यक्रम भी प्रभावित हुए।

देरी की वजह पर विरोधाभासी बयान

यात्रियों का आरोप है कि शुरुआत में एयरलाइन की ओर से खराब मौसम और कम दृश्यता को देरी का कारण बताया गया। बाद में कुछ यात्रियों को यह भी कहा गया कि फ्लाइट उड़ाने के लिए पायलट उपलब्ध नहीं है। देरी के कारणों को लेकर अलग-अलग बयान सामने आने से यात्रियों में और ज्यादा नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना है कि अगर पहले ही सही जानकारी दे दी जाती, तो वे वैकल्पिक व्यवस्था कर सकते थे।

बोर्डिंग काउंटर पर हंगामा

लगातार हो रही अनिश्चितता के चलते यात्रियों ने बोर्डिंग काउंटर पर विरोध जताया। कुछ यात्रियों ने कहा कि शुक्रवार को फ्लाइट रद्द होने के बाद उन्होंने अपनी यात्रा की योजना बदली थी, लेकिन शनिवार को भी वही हालात बनने से उनका भरोसा पूरी तरह टूट गया है। यात्रियों ने एयरलाइन से मुआवजे और स्पष्ट जवाब की मांग की।

इंडिगो की एडवाइजरी और हालिया हालात

इंडिगो ने दिन में पहले ही एक एडवाइजरी जारी कर कई एयरपोर्ट पर कम दृश्यता और घने कोहरे के कारण फ्लाइट्स में देरी और रद्द होने की आशंका जताई थी। हालांकि यात्रियों का कहना है कि हर बार मौसम को वजह बताकर जिम्मेदारी से बचना सही नहीं है, खासकर तब जब ऑपरेशनल कारण भी सामने आ रहे हों।

बीते दिनों में बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब इंडिगो पिछले कुछ हफ्तों से लगातार परिचालन संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही है। 29 दिसंबर 2024 को एयरलाइन ने खराब मौसम और ऑपरेशनल कारणों से अपने नेटवर्क में 118 फ्लाइट्स रद्द की थीं। इनमें से कुछ फ्लाइट्स तकनीकी और संचालन संबंधी दिक्कतों के कारण रद्द हुईं, जबकि अधिकांश कोहरे और खराब मौसम की वजह से प्रभावित हुईं।

पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में स्थिति और गंभीर हो गई थी, जब पायलटों की ड्यूटी और आराम समय को लेकर अदालत के आदेश के बाद सख्त नियम लागू हुए। इसके चलते एक ही दिन में करीब 1,600 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ी थीं, जिससे देशभर के एयरपोर्ट पर लाखों यात्री फंस गए थे।

कोहरे का असर और डीजीसीए की चेतावनी

10 दिसंबर से कोहरे का मौसम शुरू होने के बाद से फ्लाइट ऑपरेशन लगातार प्रभावित हो रहे हैं। 25 दिसंबर को ही इंडिगो ने मौसम संबंधी कारणों से 67 फ्लाइट्स रद्द की थीं। वहीं, अकेले एक दिन में खराब मौसम के कारण 57 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल की गईं।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने 10 दिसंबर से 10 फरवरी तक की अवधि को सर्दियों के मौसम की आधिकारिक कोहरे की अवधि घोषित किया है। इस दौरान कम दृश्यता के कारण उड़ानों में देरी और रद्द होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।

यात्रियों की मांग: बेहतर प्रबंधन और स्पष्ट जानकारी

यात्रियों का कहना है कि मौसम एक बड़ा कारण जरूर है, लेकिन एयरलाइनों को यात्रियों से पारदर्शिता बरतनी चाहिए। समय पर सही जानकारी, वैकल्पिक फ्लाइट या रिफंड की स्पष्ट व्यवस्था न होने से यात्रियों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ रही है। यात्रियों ने मांग की है कि इंडिगो भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर योजना और समन्वय सुनिश्चित करे।