उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान बढ़ने के संकेत, किसानों व आमजन को सावधानी की सलाह

नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है और आने वाले दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न प्रकार के मौसमीय हालात देखने को मिलेंगे। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जबकि पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से वर्षा और बर्फबारी के संकेत मिले हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। इसके चलते कई स्थानों पर तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा सकता है। दिन के समय तेज धूप और दोपहर में बढ़ती गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। ऊपरी वायुमंडलीय परतों में चल रही हवाओं के बदलाव को भी तापमान वृद्धि का कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव धीरे-धीरे गर्मी के आगमन का संकेत है। ऐसे में बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

मध्य भारत में भी तापमान चढ़ेगा

मध्य भारत में अगले छह दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है। सप्ताह के अंत तक यहां तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच सकता है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री अधिक रहने के आसार हैं। किसानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और सुबह या शाम के समय कार्य करने की सलाह दी गई है।

पूर्वी भारत में हल्की बढ़ोतरी, फिर स्थिरता

पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि पहाड़ी और तराई इलाकों में कहीं-कहीं हल्की वर्षा से इनकार नहीं किया गया है।

गुजरात और महाराष्ट्र में उमस के साथ गर्मी

महाराष्ट्र में अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। इसके बाद दो दिनों तक तापमान स्थिर रह सकता है, लेकिन सप्ताह के अंत तक यह सामान्य से 2 से 4 डिग्री ऊपर रहने की संभावना है। गुजरात में अगले 24 घंटों में तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा, परंतु इसके बाद पांच दिनों में 3 से 5 डिग्री तक वृद्धि संभव है। 4 और 5 मार्च को राज्य के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

पूर्वोत्तर में सक्रिय रहेगा वर्षा का दौर

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। यह क्रम अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। गरज के दौरान बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर न ठहरने की सलाह दी गई है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी के संकेत

2 मार्च 2026 की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से 3 और 4 मार्च को जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा या बर्फबारी हो सकती है। फिलहाल क्षेत्र में मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में तेजी से बदलाव संभव है।

दक्षिण भारत में ट्रफ का असर

तमिलनाडु से कर्नाटक के आंतरिक भागों तक एक ट्रफ रेखा बनी हुई है, जिसके कारण दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। केरल और माहे के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों में शरण लेने की सलाह दी है।

देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रकार के मौसमीय हालात आने वाले दिनों में जनजीवन को प्रभावित कर सकते हैं। जहां एक ओर उत्तर और मध्य भारत में गर्मी का असर बढ़ेगा, वहीं पूर्वोत्तर और दक्षिण में वर्षा राहत और चुनौतियां दोनों लेकर आ सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहकर आवश्यक सावधानियां बरतने की जरूरत है।