सुबह-सुबह मिली धमकियों से मचा हड़कंप, एंटी सबोटाज जांच के बाद कई परिसरों को सुरक्षित घोषित किया गया

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बृहस्पतिवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शहर के पांच स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल परिसरों को तत्काल खाली कराया गया और पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। दिल्ली फायर सर्विसेज ने पुष्टि की कि धमकियां दिल्ली कैंट स्थित लोरेटो कॉन्वेंट, चितरंजन पार्क के डॉन बॉस्को तथा आनंद निकेतन और द्वारका स्थित कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल परिसरों को मिलीं। इसके अलावा लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय ने भी अभिभावकों को संदेश भेजकर सुरक्षा खतरे की जानकारी दी।

तुरंत कार्रवाई, मानक प्रक्रियाओं के तहत तलाशी

धमकी मिलते ही दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद स्कूल परिसरों को चरणबद्ध तरीके से खाली कराया गया और एंटी सबोटाज जांच शुरू हुई। डीएफएस के एक अधिकारी ने बताया कि मौके पर पहुंची टीमों ने तय मानक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए हर कक्ष, गलियारे और खुले स्थान की जांच की। प्रारंभिक तलाशी में किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, हालांकि एहतियातन जांच जारी रखी गई।

बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की तैनाती

पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्थानीय पुलिस के साथ बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को भी तैनात किया गया। कुछ स्कूलों में छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया, ताकि तलाशी के दौरान किसी तरह का जोखिम न रहे। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेराबंदी में लेकर एक-एक हिस्से की गहन जांच की।

सरदार पटेल विद्यालय ने दी राहत की सूचना

लोधी एस्टेट स्थित सरदार पटेल विद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों को भेजे संदेश में बताया कि सुबह सुरक्षा संबंधी धमकी मिलने के तुरंत बाद अधिकारियों को सूचित किया गया और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की सघन जांच की। स्कूल ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के बाद परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया है। संदेश में कहा गया कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक प्रोटोकॉल जिम्मेदारी के साथ अपनाए गए हैं। विद्यालय में कक्षाएं सामान्य रूप से जारी रहने की जानकारी भी दी गई।

धमकियों के स्रोत की जांच जारी

पुलिस ने बताया कि धमकियों के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी और खुफिया स्तर पर जांच तेज कर दी गई है। यह भी देखा जा रहा है कि धमकी ईमेल, कॉल या किसी अन्य माध्यम से दी गई थी और इसके पीछे किसी संगठित प्रयास की आशंका है या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी संबंधित स्कूलों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।

बार-बार मिल रही धमकियों ने बढ़ाई चिंता

हाल के दिनों में स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को मिल रही इस तरह की धमकियों ने अभिभावकों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि अधिकतर मामलों में ये धमकियां झूठी साबित होती रही हैं, फिर भी सुरक्षा एजेंसियां किसी भी जोखिम को नजरअंदाज नहीं कर रहीं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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