सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर से पहुंचे बल; ड्रोन निगरानी के बीच सर्च अभियान तेज
जगदलपुर। जगदलपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार माओवादी हिंसा के समूल खात्मे की 31 मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले सुरक्षाबलों ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा पहाड़ी में निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है। सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों से पहुंचे करीब दो हजार जवानों ने पहाड़ी को चारों ओर से घेर लिया है। सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट लक्ष्य माओवादियों के शेष नेटवर्क और उनके अंतिम सुरक्षित ठिकानों को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
खुफिया इनपुट के आधार पर कर्रेगुट्टा क्षेत्र में केशा और पापाराव सहित सौ से अधिक सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। इसी आधार पर रणनीतिक घेराबंदी करते हुए व्यापक सर्च और कांबिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबल आधुनिक तकनीक का सहारा ले रहे हैं। ड्रोन निगरानी, अत्याधुनिक संचार प्रणाली और वास्तविक समय की मॉनिटरिंग के माध्यम से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
कर्रेगुट्टा पहाड़ी के नीचे पहले से स्थापित स्थायी सुरक्षा शिविर इस अभियान में अहम भूमिका निभा रहा है। इस शिविर के कारण रसद आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और त्वरित बल की उपलब्धता पहले की तुलना में अधिक सुदृढ़ बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस बार अभियान की योजना अधिक व्यापक और समन्वित तरीके से बनाई गई है ताकि माओवादियों को किसी भी दिशा में निकलने का अवसर न मिले।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में इसी क्षेत्र में हुई बड़ी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने 31 माओवादियों को मार गिराया था और भारी मात्रा में हथियार तथा विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। उस अभियान के बाद से कर्रेगुट्टा क्षेत्र को माओवादी गतिविधियों का प्रमुख गढ़ माना जाता रहा है। वर्तमान अभियान को उसी कड़ी की अगली और अधिक निर्णायक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि यदि यह अभियान सफल रहता है तो माओवादियों की शेष ताकत को गंभीर झटका लग सकता है और क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय नेटवर्क कमजोर पड़ सकता है। अभियान के दौरान जवानों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सुरक्षा बल पूरी तैयारी और सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
हाल ही में बस्तर दौरे पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सक्रिय माओवादी नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए थे। इसके बाद सीमावर्ती पहाड़ियों और जंगलों में अभियान तेज कर दिए गए। बस्तर के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने माओवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील भी की है।
फिलहाल कर्रेगुट्टा पहाड़ी और आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं और अभियान को निर्णायक मोड़ तक पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास कर रही हैं।
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