घने कोहरे और लापरवाही ने छीनी चार जिंदगियां, हाईवे पर खड़े ट्रेलर बना मौत का कारण

नई दिल्ली/भरतपुर। राजस्थान के भरतपुर जिले में बुधवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया। आगरा-जयपुर नेशनल हाईवे पर घने कोहरे के बीच उत्तर प्रदेश के कासगंज से जयपुर जा रही एक स्लीपर बस सड़क पर खड़े ट्रेलर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में एक महिला और उसके आठ साल के बेटे सहित कुल चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।

सेवर पुल के पास हुआ हादसा, देर रात मची अफरा-तफरी

यह हादसा बुधवार देर रात सेवर पुल के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय हाईवे पर घना कोहरा छाया हुआ था और दृश्यता बेहद कम थी। इसी दौरान स्लीपर बस आगे खड़े ट्रेलर को देख नहीं सकी और सीधे उससे टकरा गई। टक्कर के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही सेवर पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।

घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, शव मोर्चरी में रखे गए

सेवर पुलिस थाना के इंस्पेक्टर सतीश शर्मा ने बताया कि हादसे में घायल यात्रियों को तुरंत आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है और उनके पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे मृतक, मां-बेटे की मौत से परिवार में मातम

पुलिस के अनुसार, इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के सतोवा गांव की गीता (38) और उनके आठ वर्षीय बेटे कान्हा के रूप में हुई है। इनके अलावा अलवर जिले के कठूमर निवासी बस चालक मुखन सिंह (28) और कासगंज निवासी मुस्लिम (40) की भी मौत हो गई। मां और बेटे की एक साथ मौत की खबर से गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बिना चेतावनी खड़ा था ट्रेलर, लापरवाही आई सामने

शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे का मुख्य कारण घना कोहरा और ट्रेलर चालक की लापरवाही थी। पुलिस ने बताया कि ट्रेलर ट्रक तकनीकी खराबी के कारण सड़क पर खड़ा था, लेकिन उसके पीछे न तो कोई बैरिकेड लगाया गया था और न ही कोई चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर मौजूद था। अंधेरे और कोहरे में बस चालक को खड़ा ट्रेलर दिखाई नहीं दिया और यह भीषण हादसा हो गया।

कोहरे में हाईवे पर बढ़ रहे हादसे, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर घने कोहरे के दौरान हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद खराब वाहनों को बिना संकेतक के सड़क पर खड़ा कर दिया जाना गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते चेतावनी संकेत लगाए गए होते, तो शायद चार लोगों की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और ट्रेलर चालक की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।