गुजरात लौट रहे थे सभी यात्री, महिला पुलिस कर्मी समेत पांच युवकों की मौके पर ही गई जान
बठिंडा। पंजाब के बठिंडा जिले में शनिवार को एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार के डिवाइडर से टकराने के बाद हुए इस दर्दनाक हादसे में गुजरात पुलिस की महिला पुलिस कर्मी अमिता समेत पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिल सका।
गुजरात की ओर जा रहे थे सभी यात्री
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात पुलिस में तैनात महिला पुलिस कर्मी अमिता अपने चार दोस्तों अंकुश, भरत, चेतन और सतीश के साथ फॉर्च्यूनर वाहन से बठिंडा से गुजरात की ओर यात्रा कर रही थीं। जैसे ही यह वाहन गांव गुरथड़ी के पास मुख्य हाईवे पर पहुंचा, तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। देखते ही देखते कार डिवाइडर से जा टकराई।
टक्कर इतनी तेज कि उड़ गए परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घबरा गए। डिवाइडर से टकराने के बाद कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन सड़क पर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में जा गिरा। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार में सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवे पर यातायात को नियंत्रित किया गया। नरिंदर सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना में गाड़ी सवार सभी पांच लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हादसे के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल बठिंडा भेजा गया है।
परिजनों को दी गई सूचना
एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है। उनके बठिंडा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हर पहलू से जांच शुरू कर दी गई है।
तेज रफ्तार को माना जा रहा प्राथमिक कारण
प्रारंभिक जांच में हादसे का मुख्य कारण वाहन की तेज रफ्तार बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हादसे के समय सड़क की स्थिति, वाहन की तकनीकी हालत या किसी अन्य कारण की इसमें भूमिका तो नहीं रही। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
स्थानीय लोगों ने की मदद की कोशिश
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन कार की हालत देखकर सभी सन्न रह गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर वाहन की गति कम होती, तो शायद जानें बचाई जा सकती थीं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और गम का माहौल है।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे सड़क हादसों के बावजूद लोग गति नियंत्रण और यातायात नियमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिसका खामियाजा जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है।
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