20 मीटर ऊंची लपटें उठीं, 4 किमी दायरे के 3 गांव खाली, 600 लोग सुरक्षित निकाले गए
कोनसीमा। आंध्र प्रदेश के कोनसीमा जिले में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) के एक तेल कुएं में गैस रिसाव के बाद भीषण आग लग गई। आग की लपटें करीब 20 मीटर तक ऊंची उठती रहीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सुरक्षा के मद्देनजर चार किलोमीटर के दायरे में आने वाले तीन गांव—इरुसुमंडा, गुडापल्ली और लक्कावरम—को खाली करा लिया गया। ओएनजीसी के अनुसार, करीब 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है और दो स्कूलों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी गई है।
मोरी-5 कुएं की पाइपलाइन में लीकेज से भड़की आग
यह हादसा 5 जनवरी की दोपहर करीब 12 बजकर 20 मिनट पर राजोले इलाके में स्थित मोरी-5 तेल कुएं में हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कुएं की पाइपलाइन में अचानक लीकेज हुआ, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। करीब 20 मिनट बाद गैस ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर-दूर तक दिखाई देने लगीं, जिससे आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई।
3 गांव खाली, राहत शिविरों में भेजे गए लोग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और ओएनजीसी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपास के गांवों को खाली कराने का फैसला लिया। इरुसुमंडा, गुडापल्ली और लक्कावरम गांवों के लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविरों में खाने-पीने के पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। अब तक किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है, जो राहत की बात मानी जा रही है।
दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर, कूलिंग ऑपरेशन जारी
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई। ओएनजीसी ने पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील कर दिया है, ताकि किसी तरह की जनहानि न हो। कंपनी के अनुसार, फिलहाल कूलिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है, जिससे आग को फैलने से रोका जा सके। जरूरत पड़ने पर कुएं को पूरी तरह कैप करने की तैयारी भी की गई है।
दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड कर रही है कुएं का संचालन
ओएनजीसी ने बताया कि इस तेल कुएं का संचालन दीप इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। कंपनी को वर्ष 2024 में ओएनजीसी के राजामुंद्री एसेट में उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 1402 करोड़ रुपए का ठेका मिला था। हादसे के बाद दीप इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी की तकनीकी टीमें संयुक्त रूप से हालात पर नजर बनाए हुए हैं और रिसाव के कारणों की जांच की जा रही है।
पूरा इलाका सील, अधिकारी मौके पर मौजूद
घटना के बाद पूरे प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में ले लिया गया है। वरिष्ठ जिला अधिकारी, पुलिस प्रशासन और ओएनजीसी के उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। हालात पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।
बड़ा हादसा टला, लेकिन सवाल कायम
हालांकि इस घटना में अब तक किसी की जान जाने या घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन गैस रिसाव और आग जैसी घटनाओं ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल और गैस कुओं में नियमित जांच और कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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