उड़ान भरने से ठीक पहले आई दिक्कत, यात्रियों को उतारकर कराई गई सुरक्षा जांच
पुणे। अकासा एयर की पुणे से बंगलूरू जा रही एक उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण अंतिम समय में रोकना पड़ा। यह घटना मंगलवार सुबह उस वक्त हुई, जब विमान उड़ान भरने की पूरी तैयारी कर चुका था और यात्री पहले ही विमान में सवार हो चुके थे। अचानक आई तकनीकी दिक्कत के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को उड़ान भरने से रोक दिया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से नीचे उतार दिया गया।
जानकारी के अनुसार यह उड़ान सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होने वाली थी। यात्रियों को करीब 8 बजकर 10 मिनट पर बोर्डिंग कराई जा चुकी थी। विमान रनवे की ओर बढ़ने ही वाला था कि तभी तकनीकी प्रणाली में गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पायलट और तकनीकी टीम ने एहतियातन उड़ान को स्थगित करने का फैसला लिया।
डेढ़ घंटे तक विमान में बैठे रहे यात्री
जिस विमान में तकनीकी खराबी आई, वह बोइंग 737 मैक्स श्रेणी का बताया गया है। बोइंग के इस विमान में आई खराबी को दूर करने की कोशिश की गई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक प्रयास के बावजूद समस्या पूरी तरह ठीक नहीं हो सकी। इस दौरान यात्री विमान के भीतर ही बैठे रहे। बाद में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए यात्रियों को विमान से उतार दिया गया।
विमान में सवार एक यात्री ने बताया कि बंगलूरू जाने वाली अकासा एयर की उड़ान संख्या क्यूआईपी 1312 पुणे हवाई अड्डे पर ही रोक दी गई। सभी यात्री समय पर विमान में बैठ चुके थे और उड़ान भरने की तैयारी चल रही थी, तभी अंतिम क्षणों में तकनीकी दिक्कत सामने आई। इसके बाद यात्रियों को नीचे उतार दिया गया, लेकिन शुरुआत में उड़ान के नए समय को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
अकासा एयर का बयान, दोपहर में रवाना हुई उड़ान
घटना के बाद अकासा एयर ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की। एयरलाइन ने बताया कि उड़ान संख्या क्यूआईपी 1312 में तकनीकी कारणों से देरी हुई थी। सभी आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद उड़ान को दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रवाना किया गया। कंपनी ने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में मानक प्रक्रिया के तहत ही निर्णय लिया जाता है।
यात्रियों को हुई असुविधा, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता
अचानक हुई इस देरी के कारण यात्रियों को असुविधा जरूर झेलनी पड़ी, खासकर उन लोगों को जिनकी बंगलूरू में आगे की यात्रा या काम तय था। हालांकि अधिकांश यात्रियों ने यह भी माना कि यदि तकनीकी खराबी थी, तो उड़ान रोकना ही सही फैसला था। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय पर लिया गया निर्णय किसी बड़े हादसे को टाल सकता है।
नई उड़ानों की तैयारी में अकासा एयर
इस बीच अकासा एयर अपने नेटवर्क विस्तार की तैयारी में भी जुटी हुई है। एयरलाइन फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में वाराणसी से पुणे, अहमदाबाद और जेवर हवाई अड्डे के लिए नई विमान सेवाएं शुरू करने की योजना बना रही है। वाराणसी और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाली इन उड़ानों से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
अकासा एयरलाइंस के उत्तर प्रदेश बिक्री प्रमुख राहुल सिंह के अनुसार वाराणसी हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसी मांग को देखते हुए नई उड़ानों की योजना बनाई जा रही है।
तकनीकी खराबी के चलते पुणे-बंगलूरू उड़ान की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता, भले ही इसके लिए यात्रियों को कुछ समय की असुविधा क्यों न झेलनी पड़े।
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