कई डैम के गेट खोले गए, फसलें बर्बाद

मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल में दिनभर झमाझम

भोपाल।
मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज हो गई है। राज्य के लगभग दो दर्जन जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में मंगलवार सुबह से ही रुक-रुककर झमाझम बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आई हैं। वहीं, सतपुड़ा और सुजाना बांध के गेट खोलने के साथ ही नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।


भोपाल में दिनभर बारिश, ट्रैफिक पर असर

राजधानी भोपाल में मंगलवार सुबह से कभी रिमझिम तो कभी तेज बारिश हो रही है। एमपी नगर, न्यू मार्केट, कोलार, अरेरा कॉलोनी सहित कई इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।
स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। सोमवार शाम भारी बारिश के चलते लगभग तीन किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया था, जिसके मद्देनजर आज पुलिस को प्रमुख चौराहों पर तैनात किया गया है।

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30 से ज्यादा जिलों में झमाझम, नदियां उफान पर

सोमवार को प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को 7 जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
मंडला, डिंडोरी, श्योपुर, शहडोल, उमरिया जैसे इलाके जलभराव और बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।


सतपुड़ा और सुजाना डैम के गेट खुले, नदी किनारे अलर्ट

बैतूल जिले के सारणी में स्थित सतपुड़ा डैम के सात गेट दो-दो फीट तक खोल दिए गए हैं। पिछले 24 घंटे में 154 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे डैम का जलस्तर 1429.50 फीट तक पहुंच गया है।
इसी तरह, टीकमगढ़ जिले में धसान नदी पर बने सुजाना बांध के भी सात गेट खोले गए हैं। 420 क्यूबिक मीटर प्रति सेकंड की दर से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी का जलस्तर करीब 6 फीट बढ़ गया है। निचले क्षेत्रों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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रायसेन में स्कूल बंद, धार में कपास की फसल को नुकसान

भारी बारिश को देखते हुए रायसेन जिले में मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई। वहीं, धार जिले के मनावर में खेतों में पानी भर जाने से कपास की फसल बर्बाद होने लगी है। किसानों का कहना है कि पौधे काले पड़ने लगे हैं और पत्तियां झड़ रही हैं।
अब मक्का, मूंग और सोयाबीन की फसलों को बचाने के लिए धूप और दवाइयों की जरूरत है।


11 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान, पूर्वी मध्यप्रदेश ज्यादा प्रभावित

मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, प्रदेश के बीचों-बीच मानसूनी ट्रफ सक्रिय है और ऊपरी हिस्सों में लो-प्रेशर सिस्टम बना हुआ है।
9 और 10 जुलाई को सिस्टम और ज्यादा मजबूत होगा। पूर्वी मध्यप्रदेश में इसका असर ज्यादा रहेगा। अनुमान है कि 11 जुलाई तक बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।


जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, बैतूल, हरदा, होशंगाबाद, मंडला, डिंडोरी, शहडोल, उमरिया, बालाघाट, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, सतना, सिंगरौली, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, टीकमगढ़, निवाड़ी सहित कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।



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