भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। प्रदेश के कई इलाकों में बीते दिनों से कहीं हल्की, तो कहीं मध्यम दर्जे की बारिश का दौर जारी है, लेकिन मौसम विभाग ने बुधवार को 13 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें सीहोर, हरदा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इन जिलों में अगले 24 घंटों के भीतर साढ़े चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे नदी-नालों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
अगले 24 घंटे रहेंगे अहम
मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल जो मौसम प्रणाली सक्रिय है, उसके कारण कई जिलों में तेज बारिश हो सकती है। साथ ही 15 अगस्त से एक और मजबूत कम दबाव का क्षेत्र उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में सक्रिय होगा, जो मध्य प्रदेश तक पहुंचकर भारी बारिश का कारण बनेगा। यह सिस्टम प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश को फिर से सक्रिय करेगा।

उमरिया में ढाई इंच से ज्यादा पानी, अन्य जिलों में भी बारिश
मंगलवार को कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। उमरिया में 2.5 इंच से अधिक वर्षा हुई, जबकि ग्वालियर और सीधी में आधा इंच से ज्यादा पानी गिरा। इंदौर, पचमढ़ी, बालाघाट, सागर, रीवा, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, मैहर, दमोह समेत अन्य जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई और उमस में कमी महसूस की गई।
बारिश का आंकड़ा: कोटे से केवल 7.3 इंच दूर
प्रदेश में औसतन 37 इंच वर्षा होती है। इस सीजन में अब तक 29.7 इंच बारिश हो चुकी है, यानी औसत से केवल 7.3 इंच कम है। पिछले साल की तुलना में इस बार 6.6 इंच अधिक वर्षा दर्ज हुई है। हालांकि, पिछले 12 दिनों से भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश का दौर लगभग थमा हुआ है, जिससे इंदौर-उज्जैन संभाग में सूखे जैसे हालात बनने लगे थे।
मौसम वैज्ञानिक का बयान
मौसम विभाग की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में एक ट्रफ लाइन और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से बारिश हो रही है। 13 अगस्त से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है, जो अगले 24 घंटे में और स्पष्ट हो जाएगा। इसके सक्रिय होने से प्रदेश में 15 अगस्त से फिर से व्यापक और तेज बारिश शुरू होगी।
सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि फसल को नुकसान से बचाने के लिए खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करें और बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि बारिश के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के पास न जाएं।

प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर
तेज बारिश का यह दौर खासतौर पर खरीफ फसल के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। जिन इलाकों में पिछले दिनों बारिश कम हुई थी, वहां अब पानी की कमी पूरी हो सकेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 20 अगस्त के बीच मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होगी, जिससे जलाशयों का स्तर भी बढ़ेगा और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा।
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