मणिपुर विनियोग और जीएसटी संशोधन विधेयक 2025 राज्यसभा से पारित, विपक्ष का हंगामा जारी

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में आयकर (संख्या 2) विधेयक 2025 और कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किए, जिन्हें विपक्षी हंगामे के बीच बिना किसी बहस के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

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क्या है आयकर (संख्या 2) विधेयक 2025?
यह विधेयक आयकर अधिनियम, 1961 से संबंधित कानूनों को समेकित और संशोधित करने के लिए लाया गया है। इसका उद्देश्य पुराने कानून की जगह एक आधुनिक, स्पष्ट और सरल कर कानून लाना है।

कराधान कानून (संशोधन) विधेयक 2025
यह विधेयक आयकर अधिनियम 1961 और वित्त अधिनियम 2025 में संशोधन करेगा, जिससे कर ढांचे में पारदर्शिता और स्पष्टता सुनिश्चित हो सके।

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कैसे बदला बिल का मसौदा
पहले 13 फरवरी को पेश किया गया बिल संसद की प्रवर समिति को भेजा गया था। बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली समिति ने ड्राफ्ट में कई त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाया और सुधार सुझाए। सरकार ने पहले वाला बिल वापस लेकर 11 अगस्त को संशोधित मसौदा पेश किया, जिसमें समिति की अधिकांश सिफारिशें शामिल की गईं।

प्रवर समिति की अहम सिफारिशें

  • खंड 21 (संपत्ति का वार्षिक मूल्य): "सामान्य क्रम में" शब्द हटाना और खाली संपत्तियों के लिए वास्तविक और मान्य किराए की तुलना का प्रावधान।
  • खंड 22 (गृह संपत्ति आय से कटौती): 30% मानक कटौती नगरपालिका करों में कटौती के बाद लागू हो; निर्माण-पूर्व ब्याज कटौती को किराये की संपत्तियों तक बढ़ाना।
  • खंड 19 (वेतन कटौती - अनुसूची VII): पेंशन प्राप्त करने वाले गैर-कर्मचारियों को भी परिवर्तित पेंशन कटौती का लाभ।
  • खंड 20 (वाणिज्यिक संपत्ति): अस्थायी रूप से अप्रयुक्त व्यावसायिक संपत्तियों पर 'गृह संपत्ति' आय के रूप में कर लगाने से बचना।

विपक्ष की आपत्ति
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना बहस के बिल पास करने को भाजपा का कार्यशैली बताया और कहा कि गरीब बच्चों की शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे अहम हैं, जिन पर सरकार का ध्यान नहीं है।


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