August 30, 2025 6:16 AM

नाग पंचमी पर महाकालेश्वर मंदिर में अलौकिक दृश्य: सर्प श्रृंगार में बाबा महाकाल, खुले नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट

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नाग पंचमी पर सर्प से सजे बाबा महाकाल, नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक बार खुले

उज्जैन। सावन मास और नाग पंचमी के पुण्य अवसर पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। सोमवार देर रात से ही महाकाल नगरी में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को सर्पों से विशेष श्रृंगार किया गया, जिसे देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।

सर्प श्रृंगार में बाबा महाकाल, मस्तक पर कमल, रुद्राक्ष की माला

नाग पंचमी पर हर साल की तरह इस बार भी बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार सर्प रूप में किया गया। उनकी भव्य भस्म आरती मंगलवार तड़के 3 बजे की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान बाबा के मस्तक पर कमल का पुष्प, गले में रुद्राक्ष की माला, और पूरे शरीर पर भांग व नाग रूपी सजावट की गई, जिससे उनका स्वरूप अद्वितीय और चमत्कारी प्रतीत हो रहा था। मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ के उद्घोष से गूंज उठा।

भस्म आरती की शुरुआत भगवान वीरभद्र के पूजन से हुई, फिर चांदी के सिंहद्वार खोलकर गर्भगृह में विशेष पूजा संपन्न की गई। भक्तों ने दर्शन कर अपने को कृतार्थ महसूस किया।


नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट वर्ष में एक बार खुले

नाग पंचमी के दिन ही उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भी सोमवार रात 12 बजे खोले गए। यह मंदिर सामान्यतः वर्ष भर बंद रहता है और केवल नाग पंचमी पर 24 घंटे के लिए दर्शन हेतु खोला जाता है

महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत विनीतगिरी महाराज ने त्रिकाल पूजन कर मंदिर के पट खोले। इसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई। मंदिर परिसर में रात भर दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं और सुबह तक हजारों लोगों ने दर्शन किए।

11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक प्रतिमा

महाकालेश्वर मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी दी कि नागचंद्रेश्वर भगवान की प्रतिमा लगभग 11वीं शताब्दी की मानी जाती है। इस प्रतिमा की विशेषता यह है कि इसमें भगवान शिव को शेषनाग की छाया में ध्यानस्थ मुद्रा में दर्शाया गया है। यह प्रतिमा स्थापत्य और मूर्तिकला का अद्भुत उदाहरण है।

श्रद्धालु मंगलवार रात 12 बजे तक नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष व्यवस्था की है, जिससे श्रद्धालुओं को बिना किसी असुविधा के दर्शन मिल सकें।


श्रद्धा और अध्यात्म का संगम

नाग पंचमी के पर्व पर उज्जैन का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। श्रद्धालु भक्त घंटों कतार में लगकर महाकाल और नागचंद्रेश्वर के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने साफ-सफाई, पेयजल, मेडिकल सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।



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