August 30, 2025 10:54 PM

मध्यप्रदेश में डायल-112 सेवा का शुभारंभ: एकीकृत आपातकालीन सहायता का नया युग

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मध्यप्रदेश में डायल-112 सेवा का शुभारंभ, अब सभी आपातकालीन सहायता एक नंबर पर

भोपाल। मध्यप्रदेश में आज से आपातकालीन सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। प्रदेश सरकार ने लंबे समय से चल रही ‘डायल-100’ सेवा का नाम बदलकर अब ‘डायल-112’ कर दिया है। इस नई सेवा की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में की। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेडियो एवं दूरसंचार) संजीव शमी सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ मौजूद रहे।

डायल-112: सभी आपातकालीन सेवाओं का एकीकृत प्लेटफॉर्म

अब तक अलग-अलग आपातकालीन सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबर डायल करने पड़ते थे—जैसे पुलिस के लिए 100, एम्बुलेंस के लिए 108, अग्निशमन के लिए 101, महिला हेल्पलाइन के लिए 1090, साइबर क्राइम के लिए 1930, रेल मदद के लिए 139, प्राकृतिक आपदा के लिए 1079 आदि। लेकिन अब मध्यप्रदेश पुलिस की नई इंटीग्रेटेड, स्मार्ट और मल्टी-पर्पज आपातकालीन सेवा डायल-112 के तहत ये सभी सेवाएं एक ही नंबर 112 से उपलब्ध होंगी।

इस सेवा में पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम, सड़क दुर्घटना सहायता, रेल सुरक्षा और प्राकृतिक आपदा प्रबंधन जैसी तमाम आपातकालीन जरूरतों को एक ही कमांड सेंटर से नियंत्रित किया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से लैस सेवा

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजीव शमी के अनुसार, डायल-112 को डिजिटल युग की जरूरतों के मुताबिक उन्नत तकनीकों से लैस किया गया है। इसमें शामिल हैं—

  • डेटा एनालिटिक्स: आपातकालीन घटनाओं के पैटर्न का विश्लेषण कर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
  • रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग: कॉल करने वाले की लोकेशन तुरंत पता चलने से मदद तेजी से पहुंचेगी।
  • स्मार्ट डिस्पैच सिस्टम: कॉल के प्रकार के अनुसार संबंधित टीम को तुरंत भेजा जाएगा।

इन तकनीकी सुधारों से प्रतिक्रिया समय घटेगा और घटनास्थल पर सहायता तेजी से पहुंचेगी।

मौजूदा डायल-100 से आगे की पहल

डायल-100 सेवा ने पिछले वर्षों में लाखों लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई थी, लेकिन अब समय और तकनीक की मांग को देखते हुए इसे और व्यापक बनाया गया है। डायल-112 न केवल पुलिस सहायता के लिए, बल्कि स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, महिला व बच्चों की सुरक्षा, और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में भी मदद उपलब्ध कराएगा।

इसके साथ ही, नई सेवा में वाहनों की संख्या बढ़ाई गई है, उन्हें GPS और मोबाइल डेटा टर्मिनल से लैस किया गया है, ताकि घटनास्थल की सही लोकेशन, स्थिति और आवश्यक संसाधन तुरंत साझा किए जा सकें।

जनता को क्या होगा फायदा

  • एक ही नंबर याद रखने की सुविधा—अब अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग नंबर की जरूरत नहीं।
  • कॉल करने पर एकीकृत कमांड सेंटर से सीधा संपर्क।
  • तेजी से प्रतिक्रिया और घटनास्थल पर सहायता की गारंटी।
  • ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी समान स्तर की सुविधा।

भविष्य की योजनाएं

सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में डायल-112 सेवा को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग से भी जोड़ा जाए, ताकि आपातकालीन कॉल्स का बेहतर विश्लेषण किया जा सके और घटनाओं की रोकथाम के लिए भी कदम उठाए जा सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर कहा, “डायल-112 न केवल एक हेल्पलाइन है, बल्कि यह सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है कि हर नागरिक की सुरक्षा और आपातकालीन सहायता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”



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