लैंड फॉर जॉब केस: राबड़ी देवी की सफाई, कहा पैसे देकर जमीन खरीदना अपराध नहीं
नई दिल्ली। चर्चित लैंड फॉर जॉब घोटाले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में मंगलवार को फिर सुनवाई हुई। इस दौरान बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और आरोपित राबड़ी देवी ने अदालत में कहा कि पैसे देकर जमीन खरीदना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को फायदा पहुंचाने के लिए उनसे जमीन नहीं खरीदी गई थी।
स्पेशल जज विशाल गोगने की अदालत में आरोप तय करने की प्रक्रिया चल रही है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को तय की है।
राबड़ी देवी की ओर से दलील
सुनवाई में राबड़ी देवी की ओर से पेश वकील ने कहा कि जिस जमीन को लेकर आरोप लगाए जा रहे हैं, उसकी विधिवत सेल डीड मौजूद है। उन्होंने तर्क दिया कि जमीन खरीदने के बाद छह साल तक किसी को नौकरी नहीं दी गई, ऐसे में यह साबित होता है कि किसी तरह का लेन-देन नौकरी के लिए नहीं हुआ।
राबड़ी देवी का कहना है कि पैसे देकर जमीन खरीदना एक वैधानिक प्रक्रिया है और इसे अपराध नहीं ठहराया जा सकता।

जमानत और आरोपित
इस मामले में कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2024 को लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव समेत सात आरोपितों को जमानत दी थी। सभी को एक-एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई थी।
इसके अलावा, 7 मार्च 2024 को अदालत ने ईडी द्वारा दर्ज मामले में राबड़ी देवी, मीसा भारती, हीमा यादव और ह्रदयानंद चौधरी को नियमित जमानत प्रदान की थी।
ईडी की चार्जशीट और जांच
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। 6 अगस्त 2024 को ईडी ने पहली पूरक चार्जशीट दाखिल की थी, जिस पर 18 सितंबर 2024 को अदालत ने संज्ञान लिया।
चार्जशीट में 11 लोगों को आरोपित बनाया गया है। साथ ही 96 दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में अदालत में पेश किया गया है। ईडी का कहना है कि इस घोटाले में नौकरी देने के बदले जमीन ली गई थी, जिससे रेलवे भर्ती में अनियमितताएं हुईं।
अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब अदालत 20 अगस्त को आरोप तय करने को लेकर सुनवाई करेगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह मामला और पेचीदा हो सकता है क्योंकि सीबीआई और ईडी दोनों ने इसमें गहन जांच की है।
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