August 30, 2025 2:22 AM

📰 मप्र स्वास्थ्य सुविधा और अनुसंधान में अग्रणी भूमिका निभा रहा: नड्डा

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भोपाल ब्यूरो | स्वदेश ज्योति


जबलपुर पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया स्वागत, प्रदेश को मिलेंगी नई सौगातें

भोपाल। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगतनाथ प्रसाद नड्डा ने सोमवार को जबलपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में कहा कि “मध्यप्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं और अनुसंधान के क्षेत्र में अब देश का नेतृत्व कर रहा है।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने वर्चुअल माध्यम से श्योपुर और सिंगरौली जिलों के नवीन शासकीय मेडिकल कॉलेजों का लोकार्पण किया। इन कॉलेजों में 100-100 MBBS सीटों की मान्यता मिलने से न केवल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा को बल मिलेगा, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ भी उपलब्ध होंगी।


✅ स्वास्थ्य सेवाओं में नया युग

नड्डा ने कहा कि भारत अब केवल इलाज करने वाली व्यवस्था पर नहीं, बल्कि बीमारी रोकथाम और स्वास्थ्य संवर्धन पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई क्रांतिकारी कदम उठाए हैं।

  • आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों के लिए पांच लाख रुपये सालाना का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया है।
  • ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में लाखों लोग इस योजना के तहत लाभान्वित हो रहे हैं।
  • मध्यप्रदेश ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई मॉडल प्रोजेक्ट्स लागू किए हैं, जिनकी चर्चा अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है।

👩‍⚕️ एमपी की बड़ी उपलब्धियाँ

केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश ने एक करोड़ लोगों की लिवर स्क्रीनिंग पूरी कर ली है, जो देश में किसी भी राज्य द्वारा हासिल की गई सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इसके अलावा:

  • मातृ मृत्यु दर (MMR) घटकर 130 से 93 पर आ गई है।
  • शिशु मृत्यु दर (IMR) में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
  • गैर-संचारी रोगों जैसे हाइपरटेंशन और डायबिटीज़ की समय पर पहचान और उपचार के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

🏥 PPP मॉडल पर नए कॉलेज

कार्यक्रम में घोषणा की गई कि बैतूल, पन्ना, धार और कटनी जिलों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चार नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
इनकी खासियत होगी कि—

  • कॉलेजों की 75% सीटें गरीब छात्रों के लिए निःशुल्क होंगी।
  • इनसे स्थानीय स्तर पर डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर होगी।
  • साथ ही क्षेत्रीय अस्पतालों को विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक तकनीक का सीधा लाभ मिलेगा।

📚 हिंदी में मेडिकल शिक्षा: नई पहचान

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने हिंदी में MBBS की पढ़ाई शुरू की है।
नड्डा ने कहा कि यह कदम ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए ऐतिहासिक है। पहले चिकित्सा शिक्षा केवल अंग्रेज़ी में होने से अनेक छात्र पीछे रह जाते थे। लेकिन अब नीट (NEET) परीक्षा भी 13 भाषाओं में आयोजित हो रही है, जिससे क्षेत्रीय भाषा बोलने वाले छात्र भी डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर पा रहे हैं।


🚑 आम जनता के लिए नई पहलें

मध्यप्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को जनहित में और अधिक सुलभ बनाने के लिए कई नई योजनाएँ लागू की हैं:

  • एयर एम्बुलेंस और शव वाहन सेवा: अब गरीबों को इन सेवाओं का लाभ मुफ्त में मिलेगा।
  • राहवीर योजना: सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों के लिए 1.5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज और मदद करने वाले ‘गुड समैरिटन’ को 25 हजार रुपये का इनाम।
  • वय वंदना कार्ड: 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों को यह कार्ड बांटा गया है, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उठा सकें।

🌍 कोरोना से लेकर रिसर्च तक

नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने कोरोना महामारी के दौरान सबसे तेज़ी से वैक्सीन विकसित की और दुनिया को भी उसकी आपूर्ति कर मानवता की सेवा की।
आज देश सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अनुसंधान और इनोवेशन का निर्यातक भी बन रहा है।


📌 जनता के लिए सीधा लाभ

मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र की इन उपलब्धियों का सीधा असर जनता पर देखा जा रहा है:

  • गरीब परिवार अब इलाज के लिए कर्ज नहीं ले रहे।
  • छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डॉक्टर और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ पहुँच रही हैं।
  • मातृ और शिशु मृत्यु दर घटने से राज्य राष्ट्रीय औसत के करीब पहुँच रहा है।

🗣️

केंद्रीय मंत्री नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को देश का स्वास्थ्य और अनुसंधान हब बनाया जाएगा।
जहाँ एक ओर मेडिकल शिक्षा को ग्रामीण और क्षेत्रीय भाषाओं में आगे बढ़ाया जाएगा, वहीं दूसरी ओर गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाएँ पूरी तरह निःशुल्क और सुलभ होंगी।
इस दिशा में उठाए गए कदम न केवल मध्यप्रदेश, बल्कि पूरे भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सशक्त बनाएंगे।


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