बांग्लादेश में इस्कॉन के प्रमुख चिन्मय प्रभु को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद ढाका और अन्य शहरों में उनके समर्थन में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। यह घटना 25 अक्टूबर 2024 को चट्टग्राम के न्यू मार्केट क्षेत्र में हुई, जब एक हिंदू समुदाय के आयोजन में आरोप है कि धार्मिक ध्वज को बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज के ऊपर लगा दिया गया। इस घटना के बाद सरकार ने चिन्मय प्रभु और उनके समर्थकों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया।
बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि चिन्मय प्रभु और उनके सहयोगियों ने जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया, जिससे देश की अखंडता को खतरा पैदा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्य देश की संप्रभुता को कमजोर करने की मंशा से किया गया था। हालांकि, चिन्मय प्रभु और उनके समर्थक इसे एक भूल मानते हैं और दावा करते हैं कि उनका इरादा किसी भी प्रकार से राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने का नहीं था।
इस घटना के बाद बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिनमें लोग चिन्मय प्रभु की रिहाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की न्यायपूर्ण जांच की अपील की। यह मामला अब धार्मिक और राजनीतिक तनाव का कारण बन चुका है, जिससे बांग्लादेश में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
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