न्यूयॉर्क के 112वें मेयर के रूप में शपथ, साहसिक एजेंडे के साथ नई शुरुआत

न्यूयॉर्क। भारतवंशी नेता जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के 112वें मेयर के रूप में शपथ लेकर एक नए राजनीतिक दौर की शुरुआत की है। शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में ममदानी ने पारदर्शी, जवाबदेह और साहसिक प्रशासन देने का संकल्प दोहराया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनका प्रशासन न्यूयॉर्कवासियों के लिए सुरक्षा, सामर्थ्य और समृद्धि को प्राथमिकता देगा, जिसमें किफायती आवास सबसे अहम एजेंडा होगा। ममदानी अमेरिका के सबसे बड़े शहर का नेतृत्व करने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम मेयर बने हैं, जिसे लेकर शहर के विविध समुदायों में खास उत्साह देखा गया।

सिटी हॉल की कार्यशैली बदलेगी

करीब 25 मिनट के अपने भाषण में ममदानी ने कहा कि उनका प्रशासन ऐसा होगा, जो केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन पर लोगों की जिंदगी में बदलाव लाने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि संभव है हर प्रयास में सफलता न मिले, लेकिन यह आरोप कभी नहीं लगेगा कि हमने कोशिश नहीं की। ममदानी ने भरोसा दिलाया कि सिटी हॉल की कार्यशैली आम नागरिकों के करीब होगी और सरकार उन्हीं लोगों जैसी दिखेगी और जिएगी, जिनका वह प्रतिनिधित्व करती है।

परिवार और जड़ों को किया याद

मेयर बनने के बाद ममदानी ने अपने परिवार के योगदान को भावुक शब्दों में याद किया। उन्होंने कहा कि उन्हें जीवन जीने का तरीका सिखाने और इस शहर तक पहुंचाने में उनके माता-पिता और बाबा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कंपाला से दिल्ली तक फैले अपने परिवार का आभार जताया और अपनी पत्नी रमा दुवाजी को धन्यवाद दिया, जो रोजमर्रा की जिंदगी में उन्हें सुंदरता और संतुलन का अहसास कराती हैं। ममदानी ने कहा कि नया साल उनके लिए आशा, जिम्मेदारी और नए वादों का प्रतीक है।

किफायती आवास पर रहेगा जोर

अपने एजेंडे को स्पष्ट करते हुए ममदानी ने कहा कि न्यूयॉर्क में बढ़ती महंगाई और आवास संकट से निपटना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने संकेत दिए कि शहर में सस्ते और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के लिए नीतिगत फैसले लिए जाएंगे, ताकि मध्यम वर्ग और कामकाजी परिवारों पर बोझ कम हो सके। उनका कहना था कि शहर की समृद्धि तभी सार्थक है, जब उसका लाभ हर वर्ग तक पहुंचे।

शपथ के पहले ही दिन विवाद

शपथ लेने के तुरंत बाद ममदानी ने दो पुराने कार्यकारी आदेश रद्द कर दिए, जिनके तहत न्यूयॉर्क की एजेंसियों को इस्राइल का बहिष्कार न करने और इस्राइल की आलोचना को एंटीसेमिटिक मानने के लिए बाध्य किया गया था। इस फैसले के बाद इस्राइल की ओर से ममदानी पर एंटीसेमिटिज्म का आरोप लगाया गया। ममदानी ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि इन आदेशों की परिभाषा को लेकर खुद कई यहूदी संगठनों ने भी चिंता जताई थी।

यहूदी समुदाय की सुरक्षा पर जोर

ममदानी ने स्पष्ट किया कि मेयर के रूप में उन्हें पुराने आदेशों को लागू रखने, बदलने या रद्द करने का अधिकार है और उनका उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है। उन्होंने दोहराया कि न्यूयॉर्क में यहूदी निवासियों सहित सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, आलोचना और नफरत के बीच फर्क समझना जरूरी है और लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए।

न्यूयॉर्क की राजनीति में ममदानी का उदय न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि आने वाले समय में उनकी नीतियां और फैसले यह तय करेंगे कि उनका “पारदर्शी प्रशासन” और “किफायती आवास” का संकल्प जमीन पर कितना असर दिखा पाता है।