153 साल में पहली बार ‘द बोस्टन ग्लोब’ का प्रिंट संस्करण नहीं छपा, उत्तर-पूर्वी राज्यों में आपात हालात
वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका में भीषण बर्फीले तूफान और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रविवार से मंगलवार के बीच देशभर में 11,055 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे लाखों यात्रियों की योजनाएं प्रभावित हुईं। केवल सोमवार को ही लगभग 5,600 से 5,700 उड़ानें रद्द हुईं, जो कुल निर्धारित उड़ानों का करीब 20 प्रतिशत थीं।
उड़ानों की निगरानी करने वाली कंपनी फ्लाइटअवेयर के अनुसार, भारी बर्फबारी और कम दृश्यता के कारण कई प्रमुख हवाई अड्डों के रनवे अस्थायी रूप से बंद करने पड़े। न्यू इंग्लैंड और उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थिति सबसे अधिक गंभीर रही, जहां विमानों का संचालन लगभग ठप हो गया।
37 इंच तक बर्फबारी, लाखों लोग अंधेरे में
नेशनल वेदर सर्विस के अनुसार रोड आइलैंड और मैसाचुसेट्स के कुछ हिस्सों में लगभग 37 इंच तक बर्फ गिरी। सड़कों पर मोटी बर्फ की परत जमने से यातायात बाधित हो गया और कई जगह आपात सेवाओं को भी पहुंचने में कठिनाई हुई।
बर्फबारी के कारण उत्तर-पूर्वी राज्यों में 6 लाख से अधिक घरों और कार्यालयों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। सोमवार शाम तक 5 लाख 19 हजार 232 घर और दफ्तर बिना बिजली के थे। बिजली कंपनियों ने मरम्मत कार्य के लिए अतिरिक्त दल तैनात किए हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण बहाली कार्य में देरी हो रही है।
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153 साल में पहली बार अखबार नहीं छप सका
भीषण बर्फबारी का असर मीडिया जगत पर भी पड़ा। प्रसिद्ध अखबार द बोस्टन ग्लोब अपने 153 साल के इतिहास में पहली बार प्रिंट संस्करण प्रकाशित नहीं कर सका। कर्मचारियों के प्रिंटिंग प्रेस तक नहीं पहुंच पाने के कारण अखबार का मुद्रण रुक गया। यह घटना इस तूफान की तीव्रता को दर्शाती है।
अखबार प्रबंधन ने बताया कि डिजिटल संस्करण जारी रहेगा, लेकिन प्रिंट संस्करण को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से घरों में सुरक्षित रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
आपात स्थिति और राहत प्रयास
कई राज्यों में बर्फ हटाने के लिए सैकड़ों स्नोप्लो और आपात वाहन तैनात किए गए हैं। स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को बंद कर दिया गया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं के साथ बर्फीला तूफान कुछ क्षेत्रों में और गंभीर हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की चरम घटनाएं अधिक तीव्र और अनिश्चित हो रही हैं। इस तूफान ने बुनियादी ढांचे, ऊर्जा आपूर्ति और परिवहन व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर दिया है।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। मौसम सामान्य होने के बाद ही उड़ानों और बिजली आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह बहाल हो पाएगी।
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