मैरीलैंड से मेन तक दो फीट से अधिक बर्फबारी, न्यूयॉर्क और बोस्टन हवाईअड्डों पर सबसे ज्यादा असर 

न्यूयॉर्क  । अमेरिका इस समय भीषण बर्फीले तूफान की चपेट में है। मैरीलैंड से लेकर मेन तक फैले उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र में भारी बर्फबारी ने जनजीवन ठप कर दिया है। तेज हवाओं और लगातार गिरती बर्फ के कारण परिवहन व्यवस्था, स्कूल और व्यावसायिक गतिविधियां व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं। कई शहरों में आपात स्थिति घोषित कर लोगों को घरों में रहने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह पिछले दस वर्षों में आया सबसे तीव्र शीतकालीन तूफान है। मेट्रोपॉलिटन नॉर्थईस्ट के कई हिस्सों में दो फीट यानी लगभग साठ सेंटीमीटर से अधिक बर्फ दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर बर्फ जमने के पुराने रिकॉर्ड भी टूट गए। हालात इतने गंभीर रहे कि संयुक्त राष्ट्र को भी सुरक्षा परिषद की बैठक स्थगित करनी पड़ी।

न्यूयॉर्क सहित कई शहरों में आपात घोषणा

New York City सहित कई बड़े शहरों में प्रशासन ने आपात स्थिति लागू कर दी। न्यूयॉर्क में छह वर्षों बाद इतनी भारी बर्फबारी दर्ज की गई। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे लोगों को अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्कूलों को बंद कर दिया गया और अनावश्यक यात्रा पर रोक लगाने की अपील की गई।

तूफान उत्तर की ओर बढ़ता गया, जिसके बाद कुछ क्षेत्रों में इसकी तीव्रता में कमी देखी गई। हालांकि मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के अंत में एक और प्रणाली सक्रिय हो सकती है, जिससे पुनः बर्फबारी की संभावना है।

हजारों उड़ानें रद्द, हवाईअड्डों पर रिकॉर्ड बर्फ

उड़ानों पर इसका सबसे बड़ा असर पड़ा। उड़ान निगरानी मंच FlightAware के अनुसार सोमवार को अमेरिका आने-जाने वाली 5600 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। मंगलवार के लिए भी लगभग 2000 उड़ानें निरस्त की गईं। इसके अतिरिक्त करीब 2500 उड़ानों में देरी दर्ज की गई।

सबसे अधिक रद्दीकरण न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और बोस्टन के हवाईअड्डों पर हुआ। रोड आइलैंड स्थित T. F. Green International Airport ने अस्थायी रूप से अपने सभी परिचालन बंद करने की घोषणा की। यहां 32.8 इंच यानी लगभग 83.3 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई, जिसने वर्ष 1978 का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

‘बॉम्ब साइक्लोन’ क्या होता है?

मौसम विभाग ने इस तूफान को नॉर्थईस्ट तट पर आया एक क्लासिक ‘बॉम्ब साइक्लोन’ बताया है। ‘बॉम्ब साइक्लोन’ तब बनता है जब 24 घंटे के भीतर किसी तूफान का वायुदाब तेजी से गिरता है। आमतौर पर यह पतझड़ और सर्दियों में तब विकसित होता है, जब आर्कटिक की ठंडी हवा दक्षिण की ओर बढ़कर अपेक्षाकृत गर्म और नम हवा से टकराती है। इस टकराव से तीव्र चक्रवाती प्रणाली बनती है, जो भारी बर्फबारी, तेज हवाओं और समुद्री लहरों के उफान का कारण बनती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते ऐसे चरम मौसमीय घटनाक्रम अधिक तीव्र होते जा रहे हैं। इस तूफान ने न केवल परिवहन और व्यापार को प्रभावित किया है, बल्कि आपात सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की भी कड़ी परीक्षा ली है।

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। आने वाले दिनों में मौसम की दिशा पर सभी की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि एक और संभावित प्रणाली क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।