संघीय एजेंसियों को उपयोग रोकने का निर्देश, ‘आपूर्ति चेन जोखिम’ लेबल पर कानूनी चुनौती की तैयारी

वॉशिंगटन। अमेरिका में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एआई कंपनी Anthropic के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संघीय एजेंसियों को उसके उत्पादों और तकनीक का उपयोग तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले के बाद अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon और एंथ्रोपिक आमने-सामने आ गए हैं। कंपनी ने संकेत दिया है कि वह ‘आपूर्ति चेन जोखिम’ का लेबल लगाने के मामले में पेंटागन के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

विवाद की जड़: सेना में एआई मॉडल ‘क्लाउड’ का उपयोग

विवाद उस समय गहरा गया जब पेंटागन ने एंथ्रोपिक से कहा कि उसका प्रमुख एआई मॉडल ‘Claude’ अमेरिकी सेना में बिना किसी प्रतिबंध के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाए। रक्षा विभाग का तर्क है कि राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के तहत इस तकनीक की पूर्ण पहुंच जरूरी है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि कंपनी सहयोग नहीं करती है, तो उसे ‘आपूर्ति चेन जोखिम’ के रूप में नामित किया जा सकता है। यह पदनाम सामान्यतः उन संस्थाओं पर लगाया जाता है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा माना जाता है। यदि एंथ्रोपिक पर यह लेबल लागू होता है, तो उसके सरकारी अनुबंधों और निजी साझेदारियों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

ट्रंप और रक्षा सचिव की तीखी प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति ट्रंप और रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सार्वजनिक मंचों पर एंथ्रोपिक की आलोचना की। ट्रंप ने कहा कि यदि कंपनी सेना को बिना शर्त तकनीक उपलब्ध नहीं कराती, तो सरकार उसके साथ भविष्य में व्यापार नहीं करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश को ऐसी तकनीक की जरूरत नहीं है, जो राष्ट्रीय हितों के अनुरूप न हो।

एंथ्रोपिक का पक्ष: सुरक्षा और नैतिकता पर जोर

एंथ्रोपिक ने खुद को ‘सुरक्षा-प्रथम’ एआई प्रयोगशाला के रूप में स्थापित किया है। कंपनी का कहना है कि उसने पेंटागन से कुछ सीमित आश्वासन मांगे थे, जिनमें यह स्पष्ट किया जाए कि उसके एआई मॉडल का उपयोग अमेरिकी नागरिकों की बड़े पैमाने पर निगरानी या पूरी तरह स्वायत्त हथियार प्रणालियों में नहीं किया जाएगा। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दारियो अमोदेई ने सार्वजनिक बयान में कहा कि ऐसे उपयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत हो सकते हैं और वर्तमान एआई प्रणालियों की सुरक्षित सीमाओं से परे हैं।

हालांकि पेंटागन ने कहा है कि उसे बड़े पैमाने पर निगरानी या पूर्ण स्वायत्त हथियार प्रणालियों में इस तकनीक का उपयोग करने में कोई रुचि नहीं है, लेकिन उसने तकनीक तक बिना किसी अतिरिक्त प्रतिबंध के पहुंच पर जोर दिया है।

करोड़ों डॉलर के अनुबंध दांव पर

एंथ्रोपिक को पिछले वर्ष पेंटागन से 200 मिलियन डॉलर तक के अनुबंध प्राप्त हुए थे। कंपनी के अनुसार, उसकी तकनीक का उपयोग खुफिया विश्लेषण, परिचालन योजना और साइबर संचालन जैसे क्षेत्रों में किया जाता है। यदि ‘आपूर्ति चेन जोखिम’ का लेबल लागू होता है, तो ये अनुबंध और भविष्य की संभावनाएं खतरे में पड़ सकती हैं।

व्यापक प्रभाव और कानूनी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद अमेरिका में एआई के नियमन, राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी कंपनियों की नैतिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन की बड़ी परीक्षा है। यदि एंथ्रोपिक अदालत में चुनौती देता है, तो यह मामला तकनीकी क्षेत्र के लिए मिसाल बन सकता है, जहां सरकार और निजी कंपनियों के बीच अधिकार और दायित्व की सीमाएं तय होंगी।

फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं। यह टकराव केवल एक कंपनी और रक्षा विभाग के बीच का विवाद नहीं, बल्कि अमेरिका में एआई नीति की दिशा तय करने वाला निर्णायक क्षण साबित हो सकता है।