कड़ाके की ठंड के बाद बदली नीति, समर्थन और विरोध दोनों तेज 

न्यूयॉर्क। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर Zohran Mamdani ने घोषणा की है कि शहर में सड़क किनारे और पार्कों में बने अस्थायी बेघर कैंपों को फिर से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार कार्रवाई का तरीका पहले से अलग और अधिक मानवीय होगा, ताकि बेघर लोगों को केवल हटाया न जाए बल्कि उन्हें उचित सहायता और आश्रय भी उपलब्ध कराया जाए।

मेयर बनने के कुछ ही दिनों बाद जोहरान ममदानी ने पूर्व मेयर Eric Adams की कैंप हटाने संबंधी नीति को रोक दिया था। उनका मानना था कि केवल टेंट बस्तियां हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि स्थायी आवास, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और पुनर्वास योजनाओं की जरूरत है। उस समय उन्होंने कहा था कि बेघर लोगों के साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें व्यवस्थित रूप से सहायता प्रदान की जानी चाहिए।

कड़ाके की ठंड के बाद बदला रुख

हाल ही में न्यूयॉर्क में पड़ी कड़ाके की ठंड ने हालात को और गंभीर बना दिया। ठंड के दौरान कम से कम 19 लोगों की बाहर ठंड लगने से मौत होने की खबर सामने आई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि ये सभी लोग टेंट बस्तियों में रह रहे थे या नहीं, लेकिन इस घटना ने शहर की बेघर नीति पर नए सिरे से बहस छेड़ दी।

जनता और प्रशासन के बीच यह सवाल उठने लगा कि क्या खुले में रहने वाले लोगों को पर्याप्त संरक्षण और सहायता मिल रही है। इसी पृष्ठभूमि में मेयर ममदानी ने कैंप हटाने की कार्रवाई दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि इस बार प्रशासन केवल टेंट हटाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को आश्रय गृहों तक पहुंचाने और सामाजिक सेवाओं से जोड़ने का प्रयास करेगा।

फैसले के समर्थन में आवाजें

न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल की स्पीकर Julie Menin ने इस फैसले का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इतनी कड़ाके की ठंड में लोगों को सड़क पर छोड़ देना अमानवीय है और प्रशासन को सक्रिय कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई मानवीय तरीके से की जाती है और लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाता है, तो यह एक आवश्यक कदम है।

समर्थकों का तर्क है कि शहर प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सार्वजनिक स्थलों को सुरक्षित रखे और साथ ही बेघर लोगों को भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराए।

विरोध में भी उठी आवाज

वहीं दूसरी ओर बेघर लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था Coalition for the Homeless के निदेशक David Giffen ने इस फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह कदम राजनीतिक दबाव में लिया गया प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रशासन टेंट हटाने के दौरान लोगों का सामान जब्त या नष्ट कर देता है, तो बेघर समुदाय का सरकार पर से भरोसा उठ जाता है।

डेविड गिफेन का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान केवल कैंप हटाने से संभव नहीं है। इसके लिए किफायती आवास, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है।

आगे क्या

न्यूयॉर्क में बेघर लोगों की समस्या लंबे समय से जटिल सामाजिक और आर्थिक कारणों से जुड़ी रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मेयर जोहरान ममदानी द्वारा घोषित नई नीति किस प्रकार लागू की जाती है और क्या यह वास्तव में अधिक मानवीय और प्रभावी साबित होती है।

फिलहाल शहर प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से होगी और प्रत्येक व्यक्ति को वैकल्पिक आश्रय और सहायता प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा।