तेहरान से तेल अवीव तक लगातार दागी जा रहीं मिसाइलें, संयुक्त राष्ट्र ने कहा– संघर्ष नियंत्रण से बाहर हो सकता है

यरुशलम। मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव आठवें दिन भी कम होने के बजाय और अधिक गंभीर होता जा रहा है। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी कोई पक्ष पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है, जिसके कारण हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। तेहरान से लेकर तेल अवीव तक मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी है।

शनिवार को क्षेत्र के कई शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें सामने आईं। बहरीन की राजधानी मनामा और इजराइल के यरुशलम में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात के दुबई हवाई अड्डे के पास भी एक मिसाइल का मलबा गिरने की सूचना मिली है। सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

ऑपरेशन के बाद बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में मौजूदा संकट की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुए बड़े सैन्य अभियान के बाद और तेज हो गई। उस दिन अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के तहत ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे।

इस हमले के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत होने की खबर सामने आई, जिसके बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों की ओर मिसाइलें दागनी शुरू कर दीं। इसके बाद से पूरे क्षेत्र में लगातार सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। 

Bahrain high-rise building burns in 'Iran drone strike' as island kingdom  becomes unwitting casualty of Israel-US- Iran conflict: Watch

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी चिंता

ईरान द्वारा मिसाइल हमले किए जाने के बाद खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास मिसाइल का मलबा गिरने की खबर के बाद संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

अधिकारियों के अनुसार हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है और संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यरुशलम और मनामा में धमाके

इजराइल के यरुशलम शहर में भी शनिवार को जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई मिसाइलों को वायु रक्षा प्रणाली द्वारा हवा में ही नष्ट कर दिया गया। इसके बावजूद धमाकों की आवाजों से शहर में तनाव का माहौल बन गया।

बहरीन की राजधानी मनामा में भी विस्फोटों की खबरों ने लोगों में चिंता बढ़ा दी है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव के कारण कई देशों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता

लगातार बढ़ते सैन्य टकराव को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह संघर्ष किसी के भी नियंत्रण से बाहर जा सकता है।

उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तुरंत वार्ता के माध्यम से समाधान खोजने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि यदि यह संघर्ष और फैलता है तो इसका असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। 

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तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे पर हमला

इसी बीच ईरान की राजधानी तेहरान में स्थित मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी शनिवार तड़के जोरदार धमाके हुए। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि आसपास की कई इमारतों की खिड़कियां तक हिल गईं।

हमले के बाद इलाके में धुआं और आग दिखाई दी, जिसके कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा बलों और आपातकालीन सेवाओं की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया।

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते इस सैन्य संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में स्थिति किस दिशा में जाती है और क्या कूटनीतिक प्रयास इस संकट को कम करने में सफल हो पाते हैं।