ईरान पर कार्रवाई जारी, कांग्रेस को पत्र में डीएचएस को पूर्ण फंडिंग की मांग 

वॉशिंगटन। अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने कहा है कि वाशिंगटन के पास तेल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और वैश्विक शिपिंग लेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की स्पष्ट योजना है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के मिसाइल हथियारों के जखीरे और उसकी नौसैनिक क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से कार्रवाई की जा रही है, ताकि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री मार्ग सुरक्षित रह सकें।

रुबियो ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा बाजार और समुद्री परिवहन की स्थिरता अमेरिका की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कदम व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं।

ऑस्टिन में आतंकी हमला

इसी बीच टेक्सास के ऑस्टिन शहर में रविवार सुबह एक आतंकी हमला हुआ, जिसमें दो नागरिकों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हुए। जानकारी के अनुसार, वेस्ट सिक्स्थ स्ट्रीट पर एक बंदूकधारी ने भीड़ पर गोलीबारी की। बाद में ऑस्टिन पुलिस ने हमलावर को मार गिराया।

एफबीआई ने पुष्टि की है कि इस घटना की जांच आतंकी कार्रवाई के रूप में की जा रही है। घटना के बाद अमेरिकी लॉमेकर्स ने 2 मार्च को कांग्रेस नेतृत्व को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की। 

Secretary Of State Marco Rubio Testifies On Administration's Venezuela Policy During Senate Hearing

कांग्रेस को पत्र और सुरक्षा पर जोर

सीनेट मेजॉरिटी लीडर जॉन थ्यून, सीनेट डेमोक्रेटिक लीडर चक शूमर, हाउस स्पीकर माइक जॉनसन और हाउस माइनॉरिटी लीडर हकीम जेफ्रीस को भेजे गए पत्र में कानून निर्माताओं ने कहा कि “सोच-विचार का समय बीत चुका है।” उन्होंने ऐसी इमिग्रेशन नीति की मांग की जो अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और भलाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।

पत्र में चार प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें गृह सुरक्षा विभाग को पूर्ण फंडिंग देने की अपील शामिल है। लॉमेकर्स ने कहा कि डीएचएस देश की अग्रिम पंक्ति की रक्षा है और बजट में रुकावट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

ऊर्जा और सुरक्षा दोनों पर फोकस

रुबियो के बयान और ऑस्टिन की घटना ने अमेरिकी राजनीति में ऊर्जा सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन नीति को फिर केंद्र में ला दिया है। एक ओर प्रशासन वैश्विक तेल बाजार और शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर जोर दे रहा है, वहीं घरेलू स्तर पर आतंकी हमले के बाद सुरक्षा उपायों को सख्त करने की मांग तेज हो गई है।

विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और घरेलू सुरक्षा चुनौतियां अमेरिका की नीति-निर्माण प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस और प्रशासन के बीच इस मुद्दे पर गहन बहस की संभावना है।