निरस्त्रीकरण बैठक से पहले हिज्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई, सीदोन में तीन मंजिला इमारत ध्वस्त
सीदोन। लेबनान में हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण को लेकर होने वाली अहम बैठक से ठीक पहले इस्राइल ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। मंगलवार तड़के इस्राइली वायुसेना ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई इलाकों में ड्रोन और हवाई हमले किए, जिनमें देश का तीसरा सबसे बड़ा शहर सीदोन भी शामिल है। इन हमलों से पूरे क्षेत्र में तनाव और दहशत का माहौल बन गया है।
सीदोन में तड़के हमला, व्यावसायिक इमारत मलबे में तब्दील
मंगलवार तड़के करीब एक बजे दक्षिणी तटीय शहर सीदोन में इस्राइली ड्रोन हमले में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो गई। यह इलाका एक व्यावसायिक क्षेत्र बताया जा रहा है, जहां वर्कशॉप और मैकेनिक की दुकानें स्थित थीं। घटनास्थल पर मौजूद एसोसिएटेड प्रेस के फोटोग्राफर के अनुसार, इमारत में कोई आवासीय परिवार नहीं रहता था, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि टल गई।
हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कम से कम एक व्यक्ति को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया, जबकि बचाव दल मलबे में अन्य संभावित घायलों की तलाश में जुटे रहे। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
बिना चेतावनी हुआ सीदोन पर हमला
इस्राइली सेना की ओर से सीदोन हमले को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। यह हमला बिना किसी पूर्व चेतावनी के किया गया, जिससे स्थानीय प्रशासन और नागरिकों में नाराजगी देखी गई। इससे पहले इस्राइली सैन्य प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर चेतावनी जारी की थी कि सेना पूर्वी बेका घाटी के दो गांवों और दक्षिणी लेबनान के दो अन्य गांवों में हिज्बुल्लाह और फिलिस्तीनी हमास के ठिकानों पर हमला करेगी। हालांकि, सीदोन का नाम उस चेतावनी में शामिल नहीं था।
दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में कई ठिकानों पर हमले
सीदोन के अलावा इस्राइली सेना ने सोमवार और मंगलवार के बीच दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई इलाकों में हमले किए। इस्राइल का दावा है कि इन ठिकानों पर हिज्बुल्लाह और हमास जैसे संगठनों का सैन्य बुनियादी ढांचा मौजूद था। इस्राइली सेना के अनुसार, ये हमले सुरक्षा के लिहाज से जरूरी थे।
बेका घाटी में हमास कमांडर के घर पर हमला
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, बेका घाटी के मनारा गांव में जिस घर को निशाना बनाया गया, वह हमास के सैन्य कमांडर शरहाबिल अल-सैयद का था। शरहाबिल अल-सैयद की मई 2024 में एक इस्राइली ड्रोन हमले में मौत हो चुकी थी। इस्राइल की चेतावनी के बाद इन इलाकों को पहले ही खाली करा लिया गया था, इसलिए इन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
एक दिन पहले भी ड्रोन हमले, दो लोग घायल
सोमवार को लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दक्षिणी गांव ब्राईकेह में एक कार पर हुए इस्राइली ड्रोन हमले में दो लोग घायल हो गए। इस्राइली सेना ने दावा किया कि इस हमले में हिज्बुल्लाह के दो सदस्यों को निशाना बनाया गया था। लगातार हो रहे इन हमलों से सीमावर्ती इलाकों में आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।
निरस्त्रीकरण प्रक्रिया के बीच बढ़ा तनाव
गौरतलब है कि लेबनानी सेना ने पिछले साल से फिलिस्तीनी समूहों और हिज्बुल्लाह के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेबनान सरकार का कहना है कि वर्ष 2025 के अंत तक इस्राइल की सीमा से सटे सभी क्षेत्रों को हिज्बुल्लाह की सशस्त्र मौजूदगी से मुक्त कर दिया जाएगा। इसी संदर्भ में लेबनान के सेना कमांडर जल्द ही सरकार को सीमावर्ती क्षेत्रों में निरस्त्रीकरण की प्रगति पर रिपोर्ट देने वाले हैं। उससे पहले इस्राइल की यह सैन्य कार्रवाई हालात को और संवेदनशील बना रही है।
क्षेत्रीय हालात पर मंडराया बड़ा खतरा
विश्लेषकों का मानना है कि निरस्त्रीकरण बैठक से पहले इस्राइल के हमले एक रणनीतिक संदेश भी हो सकते हैं। लगातार ड्रोन और हवाई हमलों से यह साफ है कि इस्राइल हिज्बुल्लाह और उससे जुड़े ढांचे को किसी भी कीमत पर कमजोर करना चाहता है। वहीं, लेबनान में इन हमलों को संप्रभुता के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
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