बल प्रयोग और गिरफ्तारियां तेज, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी प्रतिक्रियाएं

तेहरान। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन छठे दिन में प्रवेश कर चुके हैं और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार अब तक कम से कम आठ प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। देश के कई हिस्सों से हिंसक झड़पों, सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग और व्यापक गिरफ्तारियों की खबरें सामने आ रही हैं।

प्रदर्शनों की शुरुआत सोमवार को तेहरान से हुई थी, जब व्यापारियों ने विरोध स्वरूप बाजार बंद कर दिया। इसके बाद आंदोलन ने तेजी से विस्तार लिया और अब यह 46 शहरों और 22 प्रांतों में 113 से अधिक स्थानों तक फैल चुका है। माशहद, जाहिदान, काजवीन, हमदान और तेहरान जैसे प्रमुख शहरों में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। हालात को देखते हुए कई इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और इंटरनेट व संचार सेवाओं पर भी आंशिक पाबंदियों की खबरें हैं।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई, गिरफ्तारियां बढ़ीं

एचआरएएनए के मुताबिक, कई शहरों में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने कड़ी कार्रवाई की है। आंसू गैस, लाठीचार्ज और अन्य सख्त कदमों के चलते स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि गिरफ्तार किए गए कई लोगों को बिना किसी स्पष्ट आरोप के हिरासत में रखा गया है। सरकार की ओर से अब तक मृतकों और गिरफ्तारियों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज

इन घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाते हैं, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका तैयार है और स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए है।

इसके बाद ईरान के पूर्व क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी ने ट्रंप को धन्यवाद देते हुए ईरानी जनता के समर्थन के लिए उनकी सराहना की। पहलवी ने कहा कि ईरानी लोग पिछले 46 वर्षों से चले आ रहे अराजकता और दमनकारी शासन से मुक्ति चाहते हैं और क्षेत्र में शांति व स्थिरता के लिए अमेरिका के साथ संबंध सुधारने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनी ईरानी जनता को ताकत और उम्मीद देती है।

पूर्व महारानी का भी समर्थन

ईरान की पूर्व महारानी फराह पहलवी ने भी विरोध प्रदर्शनों का समर्थन किया है। उन्होंने सुरक्षा बलों से अपील की कि वे जनता के आंदोलन में शामिल हों और दमन का हिस्सा न बनें। फराह पहलवी ने कहा कि ईरान एक गौरवशाली इतिहास वाला देश है और उसका भविष्य नागरिकों के साहस, संघर्ष और एकजुटता से तय होगा।

हालात पर बनी अनिश्चितता

फिलहाल ईरान में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। विरोध प्रदर्शन थमने के संकेत नहीं दे रहे हैं, जबकि सरकार की सख्ती भी लगातार बढ़ रही है। मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में ईरानी सरकार क्या रुख अपनाती है और क्या हालात और हिंसक होते हैं या किसी राजनीतिक समाधान की दिशा में कदम बढ़ते हैं।