अमेरिका-वेनेजुएला तनाव के बीच आधी रात को गूंजे धमाके, कारणों पर सस्पेंस बरकरार

कराकस। अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच वेनेजुएला की राजधानी कराकस में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब देर रात कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाकों के साथ ही शहर के ऊपर से बेहद नीचे उड़ते लड़ाकू विमान भी दिखाई दिए, जिससे आम लोगों में भय और अनिश्चितता का माहौल बन गया। हालांकि, इन धमाकों के पीछे की वजह और किसी तरह के नुकसान को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

स्थानीय समय के अनुसार, यह घटनाक्रम तड़के करीब दो बजे के आसपास हुआ। कई इलाकों में लोग नींद से जाग गए और घबराकर घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर धमाकों और आसमान में उड़ते विमानों से जुड़े वीडियो और संदेश तेजी से साझा होने लगे। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ये धमाके सैन्य अभ्यास का हिस्सा थे, किसी तकनीकी गतिविधि से जुड़े थे या फिर किसी अन्य कारण से हुए।

समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और हालात की बारीकी से निगरानी की जा रही है। अब तक किसी तरह की जनहानि या संपत्ति के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजधानी में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्तों में लगातार तल्खी बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल के दिनों में वेनेजुएला को लेकर सख्त रुख अपना चुके हैं। अमेरिका ने हाल ही में कैरेबियन सागर में अपनी नौसेना का एक टास्क फोर्स तैनात किया है, जिसे वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप प्रशासन की ओर से यह संकेत भी दिए गए हैं कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो वेनेजुएला के खिलाफ जमीनी सैन्य कार्रवाई पर भी विचार किया जा सकता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कराकस में हुए ये धमाके महज संयोग नहीं हो सकते। अमेरिका की सैन्य गतिविधियों और कूटनीतिक बयानों के बीच इस तरह की घटनाएं क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती हैं। हालांकि, वेनेजुएला सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

फिलहाल, कराकस के नागरिक भय और आशंका के माहौल में हैं और सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इस घटनाक्रम को लेकर क्या स्पष्टता देती हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है, क्योंकि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई पूरे लैटिन अमेरिका में तनाव को नई दिशा दे सकती है।