मिनस गेरेस प्रांत के जुइज डे फोरा और उबा शहर सबसे ज्यादा प्रभावित, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

ब्रासिलिया। ब्राजील के दक्षिण-पूर्वी प्रांत मिनस गेरेस में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। अब तक 68 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। प्रशासन के अनुसार जुइज डे फोरा शहर में 62 लोगों की जान गई है, जबकि उबा शहर में छह लोगों की मौत दर्ज की गई है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और मलबों के नीचे दबे लोगों की तलाश का अभियान जारी है।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ने का मुख्य कारण मलबों से लगातार शवों का मिलना और अस्पतालों में इलाज के दौरान घायलों की मौत होना है। जुइज डे फोरा में अब भी तीन लोग और उबा में दो लोग लापता हैं। राहत और बचाव दल लगातार गिरे हुए मकानों और ध्वस्त संरचनाओं में खोज अभियान चला रहे हैं।

नदियों में उफान, पुल और सड़कें तबाह

सोमवार दोपहर को हुई तेज बारिश के कारण क्षेत्र की नदियां उफान पर आ गईं। पानी के तेज बहाव से कई पुल और अंडरपास क्षतिग्रस्त हो गए। भारी वर्षा और भूस्खलन के चलते पेड़ उखड़ गए, जिससे कई मुख्य सड़कें अवरुद्ध हो गईं। प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं भी बाधित हुई हैं, जिससे राहत कार्यों में अतिरिक्त चुनौतियां सामने आ रही हैं।

बचाव अभियान में जुटी टीमें

प्रशासन ने भारी मशीनरी, खोजी कुत्तों और विशेष बचाव दलों को तैनात किया है। मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश के लिए चौबीसों घंटे अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित परिवारों को अस्थायी शिविरों में स्थानांतरित किया गया है, जहां भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और राहत कार्यों में जुटे कर्मियों के प्रयासों की सराहना की। वहीं मिनस गेरेस के गवर्नर रोमियो जेमा ने प्रांत में तीन दिन के शोक की घोषणा की है।

रक्षा मंत्रालय की आपात पहल

ब्राजील के रक्षा मंत्रालय ने आपात स्थिति घोषित करते हुए सेना की टुकड़ियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। ये टीमें मलबा हटाने, राहत सामग्री पहुंचाने और अस्थायी शिविर स्थापित करने में सहयोग कर रही हैं। मानवीय सहायता के तहत खाद्य सामग्री और आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक वर्षा की बढ़ती घटनाएं ऐसे आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता को बढ़ा रही हैं। फिलहाल प्रशासन का ध्यान लापता लोगों की तलाश और प्रभावित नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर केंद्रित है।

मिनस गेरेस में हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। राहत एवं बचाव कार्यों के पूर्ण होने के बाद ही नुकसान का सही आकलन संभव हो सकेगा।