- विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसदों ने सोमवार को संसद से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग) तक मार्च किया
नई दिल्ली। वोटों की हेराफेरी के आरोपों को लेकर विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक के लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसदों ने सोमवार को संसद से निर्वाचन सदन (चुनाव आयोग) तक मार्च किया। यह मार्च सुबह 11:30 बजे संसद भवन के मकर द्वार से शुरू होकर परिवहन भवन होते हुए चुनाव आयोग तक पहुंचने वाला था, लेकिन कुछ ही दूरी पर दिल्ली पुलिस ने बैरेकेडिंग लगाकर इसे रोक दिया।
भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप

विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से देश में वोट चोरी की जा रही है। नेताओं का कहना है कि हाल ही में बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, जिससे उनका मताधिकार छिन गया है।
#WATCH दिल्ली: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए क्योंकि दिल्ली पुलिस ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान "मतदाता धोखाधड़ी" के आरोपों के विरोध में संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे… pic.twitter.com/LPBVl4NCBB
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 11, 2025
सदन में चर्चा और SIR रद्द करने की मांग
विपक्षी दल इस मुद्दे पर संसद में लगातार चर्चा की मांग कर रहे हैं और चुनाव आयोग से SIR प्रक्रिया को तुरंत रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम मतदाताओं के अधिकारों का हनन है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

पुलिस की सख्ती से बढ़ा तनाव
मार्च को रोकने के दौरान पुलिस और सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। विपक्षी सांसदों ने बैरेकेडिंग के सामने नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग तक जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोकने में सफलता पाई।

और भी दिलचस्प खबरें आपके लिए… सिर्फ़ स्वदेश ज्योति पर!