इस संक्रांति बनाएं कुछ अलग , काली गाजर का हलवा
मकर संक्रांति की शाम कुछ खास बनाने का मन हर घर में होता है। काली गाजर का हलवा इस त्योहार को और भी खास बना देता है। इसकी खुशबू और स्वाद पूरे घर में त्योहार का माहौल बना देता है।
मकर संक्रांति की शाम कुछ खास बनाने का मन हर घर में होता है। काली गाजर का हलवा इस त्योहार को और भी खास बना देता है। इसकी खुशबू और स्वाद पूरे घर में त्योहार का माहौल बना देता है।
त्योहार की मीठी शुरुआत
काली गाजर स्वाद के साथ-साथ सेहत से भी भरपूर होती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ताकत देते हैं और ठंड के मौसम में शरीर को अंदर से मजबूत बनाए रखते हैं।
काली गाजर की खासियत
सर्दियों के मौसम में काली गाजर का हलवा खाना बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को गर्म रखता है और ठंड से होने वाली समस्याओं से बचाने में मदद करता है।
ठंड में सबसे बेहतर मिठाई
काली गाजर का हलवा पचाने में हल्का होता है। इसे खाने से पेट साफ रहता है और भारी खाने के बाद भी पेट में जलन या गैस की समस्या नहीं होती।
पाचन के लिए फायदेमंद
काली गाजर का हलवा बनाने के लिए ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती। काली गाजर, दूध, देसी घी, गुड़ या चीनी और सूखे मेवे से यह स्वादिष्ट हलवा आसानी से तैयार हो जाता है।
हलवा बनाने की सामग्री
सबसे पहले काली गाजर को अच्छी तरह धोकर कद्दूकस कर लें। कढ़ाही में देसी घी गरम करें और उसमें गाजर डालकर धीमी आंच पर पकाएं। थोड़ी देर बाद दूध डालें और गाजर के नरम होने तक पकाते रहें।
हलवा बनाने की विधि
काली गाजर का हलवा खाने से शरीर में तुरंत ऊर्जा आती है। यह थकान को दूर करता है और पूरे दिन ताजगी बनाए रखने में मदद करता है।
ऊर्जा से भर देता है
मकर संक्रांति की शाम काली गाजर का हलवा बनाकर अपनों के साथ बैठकर खाने से त्योहार की खुशियां दोगुनी हो जाती हैं और यादगार पल बनते हैं।
त्योहार का मजा होगा दोगुना