हरियाणा के आईजी वाई पूरन कुमार ने चंडीगढ़ में की आत्महत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

चंडीगढ़, 7 अक्टूबर। हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की आत्महत्या की खबर से पूरे राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई है। 2001 बैच के इस अधिकारी ने सोमवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास पर खुद को गोली मार ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फोरेंसिक टीम और सीएफएसएल (केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला) मौके पर पहुंची। फिलहाल आत्महत्या के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह मामला व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तनावों से जुड़ा हो सकता है।

नौ दिन पहले ही मिली थी नई जिम्मेदारी

आईजी वाई पूरन कुमार को हाल ही में पीटीसी सुनारिया (रोहतक) का आईजी नियुक्त किया गया था। उन्हें इस पदभार पर आए हुए अभी सिर्फ नौ दिन ही हुए थे। इससे पहले वे रोहतक रेंज के आईजी के रूप में कार्यरत थे।
हरियाणा सरकार ने 21 अप्रैल को 42 आईपीएस और 13 एचपीएस अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया था, जिसमें पूरन कुमार को हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन से स्थानांतरित कर रोहतक रेंज का आईजी बनाया गया था।
इसके बाद 29 सितंबर को हुए तबादलों में उन्हें पीटीसी सुनारिया की जिम्मेदारी दी गई। यह उनकी नई नियुक्ति थी, जिस पर वे कुछ ही दिनों पहले कार्यभार ग्रहण कर चुके थे।

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वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे घटनास्थल पर

चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, सेक्टर-11 स्थित सरकारी आवास में गोली चलने की आवाज सुनकर आस-पास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसएसपी चंडीगढ़, फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और सीएफएसएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल को सील कर दिया।
आईजी पूरन कुमार को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने घटनास्थल से लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद की है। शुरुआती जांच में यह आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि पुलिस ने फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है।

विदेश में हैं आईजी की पत्नी, प्रशासनिक हलकों में स्तब्धता

आईजी वाई पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अधिकारी पी. अमनीत कुमार वर्तमान में विदेश दौरे पर हैं। वे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मंत्री राव नरवीर सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जापान के आधिकारिक दौरे पर हैं।
घटना की सूचना मिलते ही भारतीय दूतावास के माध्यम से उन्हें जानकारी दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, वे जल्द ही भारत लौटने की तैयारी में हैं।
आईजी की आत्महत्या की खबर से प्रशासनिक गलियारों में गहरी स्तब्धता है। हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, गृह विभाग और डीजीपी कार्यालय ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

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शिकायतों और विवादों में रहे थे चर्चा में

आईजी पूरन कुमार का नाम बीते एक वर्ष से कई प्रशासनिक विवादों के कारण चर्चा में रहा है। उन्होंने पिछले वर्ष “वन ऑफिसर, वन हाउस पॉलिसी” के अंतर्गत एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों ने एक से अधिक सरकारी आवास अपने कब्जे में रखे हुए हैं।
इस शिकायत के बाद वे चर्चा में आए थे और उन्होंने इस मामले में पूर्व डीजीपी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी तक के खिलाफ जाति आधारित भेदभाव के आरोप भी लगाए थे।

उनका कहना था कि कुछ अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन किया और उच्च स्तर पर प्रभाव का इस्तेमाल कर अनुचित लाभ उठाया। उन्होंने अपनी शिकायत राज्य के उच्चाधिकारियों और आयोगों तक पहुंचाई थी।
सूत्रों के अनुसार, इन घटनाओं के बाद वे प्रशासनिक दबाव और मानसिक तनाव में थे।

पुलिस विभाग में बढ़ी बेचैनी

आईजी की आत्महत्या के बाद हरियाणा पुलिस विभाग में गहरा शोक और असमंजस का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वाई पूरन कुमार एक कुशल, अनुशासित और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते थे।
हालांकि, कई अधिकारी इस घटना पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। पुलिस विभाग ने इसे “दुखद व्यक्तिगत घटना” बताते हुए कहा है कि “मामले की जांच निष्पक्षता से की जाएगी और सभी पहलुओं को देखा जाएगा।”

पेशेवर जीवन में उल्लेखनीय योगदान

वाई पूरन कुमार ने अपने करियर के दौरान अंबाला, पंचकूला, करनाल और रोहतक जैसे जिलों में विभिन्न पदों पर कार्य किया था। वे अपने सख्त प्रशासनिक रुख, जनसंपर्क और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते थे।
उनके सहयोगियों के अनुसार, वे अक्सर कहते थे कि “ईमानदारी से काम करने वाला अधिकारी दबाव में रहता है, लेकिन उसका आत्मविश्वास उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है।”

जांच जारी, सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

हरियाणा पुलिस और गृह विभाग ने घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत, पारिवारिक या पेशेवर कारण क्या थे।
फिलहाल आईजी का मोबाइल फोन, लैपटॉप और डायरी को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि आत्महत्या जैसे कदम से जुड़े वास्तविक कारण सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।