हनुमान चालीसा: आध्यात्मिक शक्ति के साथ वैज्ञानिक लाभ

नई दिल्ली। हनुमान चालीसा का पाठ करने के धार्मिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में तो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके चिकित्सीय और वैज्ञानिक फायदे भी हैं? हाल ही में एक प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. स्वेता अड़ातिया ने हनुमान चालीसा के वैज्ञानिक दृष्टिकोण से लाभों को समझाते हुए एक वीडियो साझा की है। उन्होंने बताया कि हनुमान चालीसा पढ़ना न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यह दिल और दिमाग के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

हनुमान चालीसा को बताया 'यौगिक ब्रीदिंग'

डॉ. स्वेता अड़ातिया के अनुसार, हनुमान चालीसा को पढ़ते समय हमारी सांसें एक विशेष पैटर्न में चलती हैं, जिससे इसे 'यौगिक ब्रीदिंग' कहा जा सकता है। यह श्वास-प्रणाली को नियंत्रित करता है और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर बनाता है। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि जब हम कुछ चौपाइयां बोलते हैं, तो हमारी सांस अंदर जाती है, जबकि कुछ चौपाइयों को पढ़ते समय सांस बाहर निकलती है। कुछ पंक्तियों में सांस को होल्ड भी किया जाता है।

उदाहरण:

  • सांस अंदर लेने वाली चौपाई"जय हनुमान ज्ञान गुण सागर"
  • सांस बाहर छोड़ने वाली चौपाई"जय कपिस तिहु लोक उजागर"
  • सांस होल्ड करने वाली चौपाई"राम दूत अतुलित बलधामा"
  • सांस होल्ड करने के बाद छोड़ने वाली चौपाई"अंजनि पुत्र पवनसुत नामा"

इस प्रक्रिया को सही ढंग से अपनाने से हार्ट रेट वैरिएबिलिटी (Heart Rate Variability, HRV) में सुधार आता है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है और तनाव कम होता है।

तनाव और चिंता को कम करने में मददगार

डॉ. स्वेता अड़ातिया के अनुसार, हनुमान चालीसा का नियमित उच्चारण लिम्बिक सिस्टम (Limbic System) को सक्रिय करता है। यह मस्तिष्क का वह हिस्सा है जो भावनाओं, यादों और भय को नियंत्रित करता है। जब हनुमान चालीसा सही लय और उच्चारण के साथ पढ़ी जाती है, तो यह एंग्जायटी (Anxiety) और स्ट्रेस (Stress) को कम करने में मदद करती है और भीतर के भय को दूर करती है।

वेगस नर्व सिस्टम को करता है सक्रिय

डॉ. स्वेता ने अपनी वीडियो में बताया कि हनुमान चालीसा पढ़ने से वेगस नर्व (Vagus Nerve) सक्रिय होती है। यह नर्व हमारे शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करती है, जैसे –
पाचन क्रिया सुधारना
तनाव कम करना
दिल की धड़कन को संतुलित रखना
रक्तचाप नियंत्रित करना

जब वेगस नर्व सक्रिय होती है, तो शरीर की कई प्रक्रियाएं अपने आप संतुलित हो जाती हैं, जिससे व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

हनुमान चालीसा पढ़ने का सही तरीका

डॉ. स्वेता अड़ातिया ने वीडियो में यह भी बताया कि हनुमान चालीसा का पाठ धीरे-धीरे और आराम से करना चाहिए। बहुत तेज गति से पढ़ने से इसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता। धीरे-धीरे और शुद्ध उच्चारण के साथ पढ़ने पर इसका अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

यूट्यूब वीडियो को मिल रही है जबरदस्त प्रतिक्रिया

18 जनवरी को यूट्यूब पर अपलोड किए गए इस वीडियो को अब तक 57 हजार से ज्यादा व्यूज और 2400 से ज्यादा लाइक्स मिल चुके हैं। लोग इस वीडियो को काफी पसंद कर रहे हैं और वैज्ञानिक दृष्टि से हनुमान चालीसा के फायदों को समझ रहे हैं।

निष्कर्ष: आध्यात्मिकता और विज्ञान का अनोखा मेल

हनुमान चालीसा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि इसके वैज्ञानिक और स्वास्थ्य संबंधी लाभ भी हैं। इसका नियमित पाठ न केवल आत्मिक शांति देता है, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है। यदि आप भी तनावमुक्त और स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं, तो हनुमान चालीसा का पाठ जरूर अपनाएं।

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