August 30, 2025 6:35 AM

“गणेश चतुर्थी 2025: घर लाते समय गणेश प्रतिमा की सूंड, मुद्रा और रंग पर दें खास ध्यान”

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गणेश चतुर्थी 2025: गणेश प्रतिमा खरीदने और स्थापना के नियम, जानें शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली।
गणेश चतुर्थी हर वर्ष पूरे देश में भक्ति, उत्साह और आस्था के साथ मनाई जाती है। इस बार यह पर्व 27 अगस्त 2025, बुधवार को मनाया जाएगा। माना जाता है कि भगवान गणेश की स्थापना और पूजा से जीवन से सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि इस दिन लोग अपने घर, दफ्तर और पंडालों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित करते हैं।

लेकिन गणेश प्रतिमा केवल सजावट या सुंदरता देखकर नहीं खरीदनी चाहिए, बल्कि धार्मिक मान्यताओं और वास्तु नियमों को ध्यान में रखते हुए उसका चयन करना आवश्यक है। सही प्रतिमा आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मंगल लेकर आती है। आइए जानते हैं गणेश जी की मूर्ति खरीदने और स्थापना के खास नियम—


1. गणेश जी की सूंड की दिशा

  • शास्त्रों के अनुसार घर या पंडाल के लिए वही प्रतिमा शुभ मानी जाती है, जिसमें गणेश जी की सूंड बाईं ओर मुड़ी हो।
  • बाईं सूंड वाली प्रतिमा घर-परिवार में सुख, शांति और आनंद का संचार करती है।
  • दाईं सूंड वाली प्रतिमा विशेष साधना या कठोर नियमों के पालन हेतु रखी जाती है, इसलिए इसे आम जीवन में रखने की सलाह नहीं दी जाती।

2. गणेश जी की मुद्रा

  • घर और ऑफिस के लिए सबसे शुभ मानी जाती है वह प्रतिमा जिसमें गणेश जी पद्मासन या सुखासन में विराजमान हों।
  • यह मुद्रा स्थिरता, शांति और ध्यान का प्रतीक है।
  • व्यापारिक स्थानों के लिए खड़े हुए गणेश जी की मूर्ति लाभकारी मानी जाती है।
  • प्रतिमा का चेहरा हमेशा शांत, प्रसन्न और आशीर्वाद देने वाला होना चाहिए।

3. प्रतिमा का आकार और सामग्री

  • मिट्टी की मूर्ति सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है, क्योंकि इसका विसर्जन आसान होता है और यह पर्यावरण को भी हानि नहीं पहुंचाती।
  • शास्त्रों में धातु या मिट्टी से बनी मूर्तियों को ही पूजनीय माना गया है।
  • घर के लिए बहुत बड़ी मूर्ति लेने से बचना चाहिए। मध्यम आकार की सुंदर और सुसज्जित प्रतिमा ही उपयुक्त होती है।

4. वाहन और प्रसाद का महत्व

  • गणेश प्रतिमा के साथ यदि मूषक (वाहन) और मोदक (प्रसाद) दर्शाए गए हों, तो वह अत्यंत शुभ मानी जाती है।
  • इससे माना जाता है कि गणपति बप्पा पूर्ण रूप से आपके घर पधार रहे हैं।

5. गणेश प्रतिमा की दिशा

  • वास्तु शास्त्र के अनुसार गणेश जी की प्रतिमा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में स्थापित करना सबसे शुभ माना गया है।
  • यदि यह संभव न हो तो पूर्व दिशा में भी स्थापना की जा सकती है।
  • प्रतिमा के रंग का भी विशेष महत्व है –
  • लाल या सिंदूरी रंग की प्रतिमा ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है।
  • सफेद रंग की प्रतिमा शांति और खुशहाली का संदेश देती है।

6. गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त

  • इस वर्ष चतुर्थी तिथि की शुरुआत 26 अगस्त दोपहर 01:54 बजे होगी और इसका समापन 27 अगस्त शाम 03:44 बजे पर होगा।
  • गणेश पूजा का मुख्य मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:40 बजे तक रहेगा।
  • इस समय के भीतर प्रतिमा की स्थापना करना विशेष रूप से शुभ माना गया है।

7. गणपति बप्पा का प्रिय भोग

  • गणेश जी को मोदक सबसे प्रिय है।
  • मान्यता है कि मोदक का भोग लगाने से बप्पा प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

गणेश चतुर्थी पर प्रतिमा का चयन केवल सुंदरता देखकर न करें। शास्त्र और वास्तु में बताए गए नियमों को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा लाएं और शुभ मुहूर्त में स्थापना करें। ऐसा करने से आपके जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।



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