इस साल आकाश में कई ऐसी खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं, जो आम दिनों में देखने को नहीं मिलतीं। वर्ष भर में चार ग्रहण, छह ग्रहों का एक साथ दिखाई देना, सुपरमून, ब्लड मून और उल्काओं की बारिश जैसी घटनाएं होंगी। इनमें से कुछ घटनाएं भारत में साफ दिखाई देंगी, जबकि कुछ केवल दूसरे देशों में नजर आएंगी।
जो लोग आकाश, ग्रहों और चंद्रमा में रुचि रखते हैं, उनके लिए यह साल खास रहने वाला है। अगर इन घटनाओं की जानकारी पहले से हो, तो इन्हें देखना और समझना और भी आसान हो जाता है।
जनवरी: सुपरमून और बृहस्पति का साथ दिखेगा
जनवरी में साल की शुरुआत एक खास खगोलीय दृश्य से होगी।
3 जनवरी को साल का पहला सुपरमून दिखाई देगा। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा, इसलिए वह सामान्य से ज्यादा बड़ा और चमकदार नजर आएगा। इसी शाम बृहस्पति ग्रह भी चंद्रमा के पास दिखाई देगा, जिससे यह दृश्य और खास बन जाएगा।
10 जनवरी को बृहस्पति ग्रह विपक्ष स्थिति में होगा। इस स्थिति में यह ग्रह पृथ्वी के सबसे करीब और सबसे चमकदार रूप में दिखाई देता है। इसे शाम के समय पूर्व दिशा में देखा जा सकेगा।
🌌 फरवरी: छह ग्रहों की परेड
📅 फरवरी का अंतिम सप्ताह
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फरवरी का महीना ग्रहों के लिहाज से काफी खास रहेगा। छह बड़े ग्रह – बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, यूरेनस और नेपच्यून
एक साथ आकाश में दिखाई देंगे। इसे ग्रहों की परेड कहा जाता है।
महत्वपूर्ण बातें:
यह दृश्य सूर्यास्त के बाद दिखेगा
कुछ ग्रह नंगी आंखों से नजर आएंगे
कुछ ग्रह देखने के लिए दूरबीन की जरूरत होगी
17 फरवरी को वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। यह ग्रहण अंटार्कटिका और दक्षिणी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में नजर आएगा।
मार्च: भारत में दिखेगा ब्लड मून
मार्च का महीना भारत के लिए सबसे खास रहेगा।
3 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जिसे ब्लड मून कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा लाल-नारंगी रंग में दिखाई देगा।
इस ग्रहण की खास बातें:
यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा
शाम के समय इसका दृश्य बेहतर रहेगा
पूर्वी आकाश में चंद्रमा ज्यादा साफ नजर आएगा
अप्रैल–मई: उल्काओं की बारिश और ब्लू मून
अप्रैल और मई में आकाश से गिरती उल्काएं देखने को मिलेंगी।
22–23 अप्रैल को लाइरिड्स उल्का वर्षा होगी। यह दृश्य रात 11 बजे से भोर तक देखा जा सकेगा।
6–7 मई की रात को भी उल्काएं दिखाई देंगी, खासकर सुबह 3 से 5 बजे के बीच।
31 मई को ब्लू मून दिखाई देगा। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी से दूर रहेगा, इसलिए वह आकार में छोटा नजर आएगा।
जून: शुक्र और बृहस्पति पास-पास
8–9 जून को शुक्र और बृहस्पति ग्रह एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देंगे।
ध्यान रखने योग्य बातें:
यह दृश्य सूर्यास्त के बाद दिखेगा
पश्चिमी आकाश में नजर आएगा
खुले मैदान या छत से देखना बेहतर रहेगा
अगस्त: सूर्य ग्रहण और उल्का वर्षा
7 अगस्त को चंद्रमा तारामंडल के सामने से गुजरेगा, जिससे तारे छिपते और फिर दिखाई देते नजर आएंगे।
12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
12–13 अगस्त की रात को पर्सिड उल्का वर्षा दिखाई देगी। यह वर्ष की सबसे सुंदर उल्का वर्षाओं में से एक मानी जाती है।
28 अगस्त को चंद्र ग्रहण होगा, लेकिन यह भी भारत में नजर नहीं आएगा।
नवंबर–दिसंबर: सुपरमून और ग्रहों की परेड
25 नवंबर को साल का दूसरा सुपरमून दिखाई देगा। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के काफी करीब होगा।
24 दिसंबर को 2026 का सबसे बड़ा और चमकदार सुपरमून दिखाई देगा। चंद्रमा सामान्य से ज्यादा बड़ा और चमकदार नजर आएगा।
24 से 31 दिसंबर के बीच मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस और नेपच्यून एक साथ दिखाई देंगे।
निष्कर्ष
यह साल खगोलीय घटनाओं से भरा हुआ है।
ग्रहण हों, सुपरमून हो या ग्रहों की परेड—हर महीने आकाश कुछ नया दिखाएगा।
अगर आप आकाश प्रेमी हैं, तो यह साल आपके लिए यादगार बनने वाला है।
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