August 30, 2025 5:49 PM

भारत में बनी ई-मारुति विटारा को प्रधानमंत्री मोदी ने दिखाई हरी झंडी, 100 देशों में होगा निर्यात

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भारत ग्रीन मोबिलिटी के साथ बनेगा आत्मनिर्भर: प्रधानमंत्री

नई दिल्ली।
भारत ने वैश्विक स्तर पर एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में बड़ा मुकाम हासिल किया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के हंसलपुर प्लांट से मारुति सुजुकी की पहली ग्लोबल इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा को लॉन्च किया और इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन संयंत्र का भी उद्घाटन किया। इस अवसर को प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की आत्मनिर्भरता और ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में “ऐतिहासिक पड़ाव” करार दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि यह क्षण भारत के लिए बेहद खास है क्योंकि अब देश न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति भी करेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत ग्रीन मोबिलिटी का “वैश्विक केंद्र” बनेगा और यह “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।


100 देशों में निर्यात होगी ई-विटारा

मारुति सुजुकी की ई-विटारा पूरी तरह भारत में निर्मित पहला ग्लोबल स्ट्रैटेजिक बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल है। कंपनी ने घोषणा की है कि इस कार का निर्यात 100 से अधिक देशों में किया जाएगा, जिसमें यूरोप और जापान जैसे विकसित बाजार भी शामिल हैं। यह कदम न केवल भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की ताकत को दर्शाता है बल्कि यह भी साबित करता है कि भारत अब तकनीकी और विनिर्माण क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है।

ई-विटारा के माध्यम से भारत सुजुकी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बन जाएगा। यह उपलब्धि देश के युवाओं और इंजीनियरों की तकनीकी क्षमता का भी प्रमाण है, जिन्होंने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में भारत की छवि को मजबूत बनाया है।


बैटरी उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात स्थित लिथियम-आयन बैटरी प्लांट में हाइब्रिड बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन की भी शुरुआत की। यह संयंत्र टोशिबा, डेंसो और सुजुकी का संयुक्त उद्यम है। इस पहल से बैटरी के कुल मूल्य का 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अब भारत में ही निर्मित होगा।

बैटरी उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अभी तक बैटरी तकनीक और कच्चे माल की आपूर्ति के लिए भारत अन्य देशों पर निर्भर था। लेकिन अब देश में ही बड़े पैमाने पर बैटरी उत्पादन होने से लागत में कमी आएगी, रोजगार सृजित होंगे और भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की वैश्विक दौड़ में अग्रणी बनेगा।


ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में ग्रीन मोबिलिटी ही भविष्य का समाधान है। भारत जब वैश्विक स्तर पर बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन का केंद्र बनेगा, तो यह न केवल आर्थिक मजबूती का कारण होगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी भारत की भूमिका अहम होगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भारत के शहरों और गांवों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी और इसका असर रोजगार, ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के रूप में दिखाई देगा।


‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को नई उड़ान

ई-विटारा और बैटरी इलेक्ट्रोड उत्पादन संयंत्र का शुभारंभ, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गति देगा। यह पहल भारतीय युवाओं को नई तकनीकों पर काम करने के अवसर प्रदान करेगी और विदेशी निवेश को आकर्षित करेगी।

सरकार का लक्ष्य है कि भारत 2030 तक दुनिया के सबसे बड़े ग्रीन मोबिलिटी बाजारों में से एक बने। इसके लिए उत्पादन से लेकर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तक व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।


ई-विटारा का लॉन्च और बैटरी उत्पादन संयंत्र का उद्घाटन भारत की उस यात्रा का प्रतीक है, जिसमें देश ने सिर्फ उपभोक्ता से निर्माता बनने का बड़ा कदम उठाया है। अब भारत न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि दुनिया के 100 से अधिक देशों में ‘मेड इन इंडिया’ इलेक्ट्रिक कार पहुंचाएगा। यह कदम भारत को ग्रीन मोबिलिटी का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक शुरुआत है।



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