नोबेल शांति पुरस्कार पर ट्रंप का तंज — “ओबामा ने कुछ नहीं किया, फिर भी उन्हें मिला सम्मान”, आज होगी घोषणा
वॉशिंगटन। अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बहस छिड़ गई है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से यह दावा किया है कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आठ युद्ध रोके थे। ट्रंप ने साथ ही पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि “ओबामा ने कुछ नहीं किया, फिर भी उन्हें यह सम्मान दिया गया।”
🏛️ नोबेल सम्मान पर ट्रंप का तंज
गाजा संघर्ष विराम के बाद व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा —
“मैंने आठ युद्ध रोके हैं, लेकिन कभी किसी पुरस्कार के लिए ऐसा नहीं किया। ओबामा को राष्ट्रपति बने कुछ ही महीनों में नोबेल शांति पुरस्कार दे दिया गया था, जबकि उन्होंने कुछ नहीं किया था।”
ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ओबामा को खुद यह भी नहीं पता था कि उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए चुना जा चुका है।
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⚔️ ओबामा पर हमला — “देश को बर्बाद किया”
ट्रंप ने ओबामा पर आरोप लगाते हुए कहा कि “ओबामा को नोबेल शांति पुरस्कार देश को तबाह करने के लिए दिया गया।”
ज्ञात हो कि बराक ओबामा को वर्ष 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उस समय उनके राष्ट्रपति बनने के मात्र आठ महीने ही हुए थे, जिससे कई लोगों ने इसे राजनीतिक निर्णय बताया था।
🕊️ ट्रंप का दावा — “मैंने आठ युद्ध रोके”
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान आठ युद्धों को रोकने में अहम भूमिका निभाई, जिससे हजारों लोगों की जान बची।
“मैंने ये किसी पुरस्कार के लिए नहीं किया, बल्कि इसलिए किया ताकि लोगों की जान बचे,” — डोनाल्ड ट्रंप
उन्होंने यह भी कहा कि अब नोबेल कमेटी जो निर्णय करेगी, वह उन्हें मंजूर होगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब शुक्रवार को नॉर्वे के ऑस्लो में इस वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार विजेता की घोषणा की जाएगी।
📅 आज होगी घोषणा
नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा भारतीय समय अनुसार शुक्रवार को ऑस्लो में की जाएगी। इस बार पुरस्कार के दावेदारों में कई राजनयिकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पर्यावरण संगठनों के नाम शामिल हैं।
📊 राजनीतिक विश्लेषण
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान न केवल राजनीतिक महत्वाकांक्षा दर्शाता है, बल्कि यह उनके 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान से भी जुड़ा हो सकता है।
ट्रंप पहले भी कई मौकों पर नोबेल समिति की आलोचना कर चुके हैं और खुद को “सबसे शांति-प्रिय राष्ट्रपति” बता चुके हैं।
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