दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को मिली जेड श्रेणी की सुरक्षा, जनसुनवाई में हमले के बाद बढ़ाई गई सतर्कता
दिल्ली-एनसीआर। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हाल ही में हुए हमले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्यमंत्री को जेड श्रेणी की सीआरपीएफ सुरक्षा प्रदान कर दी है। सूत्रों का कहना है कि यह सुरक्षा कवच तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
जनसुनवाई के दौरान हुआ हमला
बुधवार सुबह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सरकारी आवास पर साप्ताहिक जनसुनवाई का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान फरियादी बनकर पहुंचे एक युवक ने अचानक उन पर हमला कर दिया। घटना ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों को हैरान कर दिया। हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर को पकड़ लिया और मुख्यमंत्री सुरक्षित रहीं।
हमले के तुरंत बाद आरोपी की पहचान राजेश खिमजी के रूप में हुई। दिल्ली पुलिस ने उसे मौके से हिरासत में लेकर सिविल लाइंस थाने में हत्या के प्रयास (IPC की धारा 307) के तहत मामला दर्ज किया।

पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी राजेश पिछले 24 घंटे से सीएम आवास की रेकी कर रहा था। उसने मंगलवार को मुख्यमंत्री के शालीमार बाग स्थित निजी आवास का भी निरीक्षण किया था। यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस सुरक्षा एजेंसियों में और सतर्कता बरती जा रही है।
आरोपी को बुधवार देर रात द्वारका स्थित एक मजिस्ट्रेट के घर पर पेश किया गया। वहां से अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गौरतलब है कि आरोपी को सुरक्षा कारणों से तीस हजारी अदालत परिसर में पेश नहीं किया गया।

केंद्र का त्वरित फैसला
इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने केंद्र को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट में इस हमले को गंभीर सुरक्षा चूक करार दिया गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने रेखा गुप्ता को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया। अब उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ के लगभग 30 से अधिक कमांडो तैनात रहेंगे, जो 24 घंटे सुरक्षा कवच देंगे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिल्ली जैसे संवेदनशील क्षेत्र में मुख्यमंत्री पर हमला होना बेहद गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना दिल्ली पुलिस की खामियों और मौजूदा सुरक्षा तंत्र की कमजोरियों को उजागर करती है। मुख्यमंत्री का सरकारी आवास उच्च सुरक्षा क्षेत्र में आता है, ऐसे में किसी का फरियादी बनकर वहां घुस जाना और हमला करना सुरक्षा के लिहाज से बड़ी चूक है।
राजनीतिक हलचल
इस घटना ने राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने दिल्ली सरकार और केंद्र दोनों पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री तक सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा? वहीं, सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि सरकार ने तुरंत कदम उठाकर मुख्यमंत्री को जेड श्रेणी की सुरक्षा देकर स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता की प्रतिक्रिया
जनता में भी इस घटना को लेकर चिंता देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जनसुनवाई जैसे खुले कार्यक्रमों में नेताओं और जनता के बीच सुरक्षा का संतुलन कैसे कायम किया जाए। बहुत से लोग मानते हैं कि सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों को साथ लेकर चलना एक बड़ी चुनौती है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हुआ हमला केवल एक व्यक्ति की हिंसक हरकत नहीं, बल्कि यह राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। केंद्र ने जेड श्रेणी की सुरक्षा देकर मुख्यमंत्री की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, लेकिन यह घटना इस बात की चेतावनी भी है कि आने वाले समय में सुरक्षा एजेंसियों को और ज्यादा चौकस रहना होगा।
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