August 30, 2025 11:54 PM

प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को राहत और तामोट को औद्योगिक सौगात: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का दोहरा फोकस

cm-relief-to-victims-industrial-gift-in-tamot

सरकार संकट में आपके साथ, उद्योगों से सशक्त होगा भविष्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी पीड़ितों को राहत राशि, तामोट में 1132 करोड़ के निवेश कार्यों की सौगात

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक तरफ जहां प्राकृतिक आपदा से प्रभावित नागरिकों को राहत पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के उद्देश्य से रायसेन जिले के तामोट में 1132 करोड़ रुपये के निवेश कार्यों की सौगात देने जा रहे हैं। गुरुवार को समत्व भवन से मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से आपदा राहत राशि वितरित की और वर्चुअल माध्यम से प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनका हालचाल जाना। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री करण सिंह वर्मा, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

प्राकृतिक आपदा पीड़ितों को राहत: सरकार पूरी तरह साथ

प्रदेश के विभिन्न जिलों में हाल ही में आई बाढ़ और भारी बारिश के कारण कई परिवारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इन पीड़ितों से वर्चुअल संवाद कर कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता दी जाएगी। प्रभावितों ने मुख्यमंत्री से बात करते हुए बताया कि उन्हें समय पर राहत राशि प्राप्त हुई है, जिससे उन्हें अपने घर की मरम्मत और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है। कुछ पीड़ितों ने बारिश के चलते हुए नुकसान की जानकारी भी दी, जिस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

डॉ. यादव ने कहा कि “हमारी सरकार किसी भी आपदा की स्थिति में पीड़ितों को अकेला नहीं छोड़ेगी। चाहे फसल नुकसान हो, घर ढह जाएं या आजीविका पर संकट आए – हर परिस्थिति में मदद उपलब्ध कराई जाएगी।” उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में पारदर्शिता और तत्परता बरती जाए तथा हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे।


तामोट को मिलेगा उद्योगिक निवेश का बड़ा तोहफा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को रायसेन जिले के तामोट औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित निवेश संवाद और लोकार्पण समारोह में 1132 करोड़ रुपये के निवेश कार्यों और 416 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वे संचालित इकाइयों का भ्रमण करेंगे, निवेशकों से संवाद करेंगे और सामाजिक कार्यक्रमों में भी भाग लेंगे।

तामोट में निवेश को लेकर डॉ. यादव का यह दौरा प्रदेश के औद्योगिक नक्शे को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।


14 नई औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण

मुख्यमंत्री तामोट औद्योगिक क्षेत्र में कुल 14 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इन इकाइयों में कुल 566 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 1781 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इनमें से 6 इकाइयों का भूमिपूजन किया जाएगा, जिनमें 300 करोड़ रुपये का निवेश और 970 रोजगार सृजित होने की संभावना है। वहीं, अन्य 6 इकाइयों का लोकार्पण किया जाएगा, जिनमें 116 करोड़ रुपये का निवेश और 211 रोजगार के अवसर तैयार होंगे।


416 करोड़ के विकास कार्यों की भी सौगात

डॉ. यादव तामोट क्षेत्र में 416 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भी भूमिपूजन और लोकार्पण करेंगे। इसमें सड़क निर्माण, बिजली आपूर्ति, जल संरचनाएं और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ बनाने की परियोजनाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री मेसर्स आनंद टेक लास्ट प्रा. लि. की प्लास्टिक पार्क इकाई का दौरा भी करेंगे, जो प्लास्टिक उद्योग में निवेश और रोजगार की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा वे सागर मैन्युफैक्चरर प्रा. लि. की इकाई का भी निरीक्षण करेंगे।


निवेशकों से संवाद और सरकारी प्राथमिकताओं की जानकारी

इस निवेश संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवेशकों को राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों और भूमि आवंटन प्रक्रिया की जानकारी देंगे। वे उन्हें आशय पत्र प्रदान करेंगे, जिससे उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया सरल और सुगम हो सके। मुख्यमंत्री का यह संवाद निवेशकों को प्रदेश में निवेश के लिए प्रेरित करेगा, साथ ही युवाओं के लिए नए रोजगार के द्वार भी खोलेगा।

कार्यक्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह प्रदेश की औद्योगिक रणनीति पर प्रकाश डालेंगे। साथ ही जेबीएम, विनप्रो और मंडीदीप औद्योगिक संघ जैसे प्रमुख निवेशक समूह प्रदेश की नीतियों और निवेश माहौल पर अपने विचार साझा करेंगे।


राहत और विकास का संतुलन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह दोहरी पहल – एक तरफ आपदा पीड़ितों को त्वरित राहत और दूसरी ओर औद्योगिक विकास के लिए बड़े निवेश का आयोजन – राज्य सरकार की जनकल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जहां एक ओर वे मानवता की पीड़ा को समझते हुए संवेदनशीलता से पीड़ितों के साथ खड़े हैं, वहीं दूसरी ओर भविष्य की दिशा में औद्योगिक बुनियाद को सुदृढ़ कर रहे हैं।



Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on whatsapp
Share on telegram