CBSE 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा की डेटशीट जारी, 17 फरवरी से होगी शुरुआत; 10वीं की परीक्षा दो बार

नई दिल्ली।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं 2025 की आधिकारिक डेटशीट जारी कर दी है। इस बार परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर अप्रैल के पहले सप्ताह तक चलेंगी। बोर्ड के अनुसार इस साल देशभर और विदेश केंद्रों से करीब 42 लाख विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

कक्षा 10वीं की पहली परीक्षा गणित (मैथ्स) की होगी, जबकि कक्षा 12वीं की पहली परीक्षा बायोटेक्नोलॉजी और शॉर्टहैंड विषय की रखी गई है। CBSE ने छात्रों और शिक्षकों की सुविधा के लिए विस्तृत टाइमटेबल अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया है।


📘 इस बार बड़ा बदलाव — कक्षा 10वीं की परीक्षा साल में दो बार

CBSE ने इस वर्ष से एक नई परीक्षा प्रणाली लागू की है, जिसके तहत कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों को परीक्षा साल में दो बार देने का अवसर मिलेगा।

इस व्यवस्था के तहत पहली परीक्षा 17 फरवरी 2025 से मार्च तक होगी, जबकि दूसरी परीक्षा (ऑप्शनल एग्जाम)15 मई से 1 जून 2025 के बीच आयोजित की जाएगी।

बोर्ड का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य छात्रों को “बेहतर प्रदर्शन का अवसर देना और परीक्षा का दबाव कम करना” है।

publive-image
publive-image

📅 प्रमुख तारीखें

  • परीक्षा प्रारंभ तिथि: 17 फरवरी 2025
  • कक्षा 10वीं की पहली परीक्षा: गणित (मैथ्स)
  • कक्षा 12वीं की पहली परीक्षा: बायोटेक्नोलॉजी, शॉर्टहैंड
  • कक्षा 10वीं की दूसरी परीक्षा (ऑप्शनल): 15 मई से 1 जून 2025
  • कुल संभावित परीक्षार्थी: 42 लाख से अधिक

📘 नए एग्ज़ाम पैटर्न की 3 अहम बातें

  1. तीन विषयों में सुधार का मौका:
    दूसरी परीक्षा यानी ऑप्शनल एग्जाम में विद्यार्थियों को साइंस, गणित, सोशल साइंस और भाषाओं (लैंग्वेजेस) में से किसी भी तीन विषयों में अपना प्रदर्शन सुधारने की अनुमति दी जाएगी।
    इसका मतलब यह है कि अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में किसी विषय में कम अंक लाता है, तो उसे अगले चरण में उस विषय को फिर से देने का अवसर मिलेगा।
  2. विंटर बाउंड स्कूलों के लिए लचीलापन:
    ठंड के कारण जिन राज्यों में स्कूल लंबे समय तक बंद रहते हैं, वहां के विंटर बाउंड स्कूलों के विद्यार्थियों को यह छूट दी जाएगी कि वे दोनों में से किसी एक परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इससे ठंड या मौसम के कारण परीक्षा में व्यवधान नहीं होगा।
  3. अनुपस्थित छात्रों पर नियम सख्त:
    अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या अधिक विषयों में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
    यह प्रावधान परीक्षा की गंभीरता बनाए रखने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है।

publive-image
publive-image
publive-image

publive-image

🎓 बोर्ड ने कहा — “छात्रों के तनाव को कम करने की पहल”

CBSE अधिकारियों के अनुसार, यह नया पैटर्न छात्रों पर अतिरिक्त दबाव कम करने और उन्हें अधिक आत्मविश्वास के साथ परीक्षा देने का मौका देने के लिए तैयार किया गया है।

बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया —

“हम चाहते हैं कि विद्यार्थी परीक्षा को अंतिम फैसला न मानें, बल्कि उसे सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा समझें। दो परीक्षा विकल्पों से छात्रों को आत्ममूल्यांकन और सुधार का अवसर मिलेगा।”


📚 12वीं की परीक्षाएं एक चरण में होंगी

जहां कक्षा 10वीं की परीक्षाएं दो बार आयोजित की जाएंगी, वहीं कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं एक ही चरण में होंगी।
इसमें विज्ञान, वाणिज्य और कला संकायों के सभी विषय शामिल होंगे। 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी से मार्च के अंत तक चलेंगी।

publive-image

publive-image
publive-image
publive-image
publive-image

🏫 स्कूलों को निर्देश — टाइमटेबल के अनुसार करें तैयारी

CBSE ने देशभर के सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा की तैयारी उसी के अनुसार शुरू करें। साथ ही, स्कूलों से कहा गया है कि वे छात्रों को दोनों परीक्षाओं की संभावनाओं और नियमों की स्पष्ट जानकारी दें।

बोर्ड ने यह भी कहा है कि “डेटशीट में किसी भी प्रकार का परिवर्तन केवल आपात स्थिति में ही किया जाएगा,” और इसके बारे में सभी स्कूलों को समय रहते सूचित किया जाएगा।


💻 छात्र डेटशीट ऐसे देख सकते हैं

CBSE की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर छात्र अपनी कक्षा और विषयवार परीक्षा तिथि देख सकते हैं। इसके अलावा, छात्र अपनी एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक और सैंपल पेपर भी वहीं से प्राप्त कर सकेंगे।


🔍 विशेषज्ञों की राय

शिक्षा विशेषज्ञों ने CBSE के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि दो बार परीक्षा देने की सुविधा से छात्रों को “पुनर्मूल्यांकन और आत्मसुधार का अवसर” मिलेगा।
साथ ही यह बोर्ड परीक्षाओं के प्रति बढ़ते डर और तनाव को कम करने में मददगार साबित होगा।